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समुद्री रास्ते से पाक कमांडोज के भारतीय क्षेत्र में घुसने की खुफिया जानकारी के बाद गुजरात के बंदरगाह अलर्ट पर

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यह अलर्ट कश्मीर को लेकर भारत सरकार द्वारा किए गए फैसलों तथा पाकिस्तान की ओर से पिछले कुछ हफ्तों में जारी किए गए आक्रामक बयानों से भारत व पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव के चलते जारी किया गया है.

नई दिल्ली: कच्छ क्षेत्र के जरिए पाकिस्तानी कमांडो के भारतीय क्षेत्र में घुसने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद गुजरात में सभी बंदरगाहों को अलर्ट पर रखा गया है. सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि गुजरात में सांप्रदायिक दंगे या आतंकी हमले के लिए ये कमांडो समुद्र के रास्ते भारतीय क्षेत्र में घुस सकते हैं. अडानी पोर्ट्स और SEZ के बयान के मुताबिक ‘तटरक्षक बल स्टेशन से सूचना मिली थी कि पाकिस्तान प्रशिक्षित कमांडोज ने हरमी नाला क्षेत्र के जरिए कच्छ की खाड़ी में प्रवेश किया है. माना जाना रहा है कि ये कमांडोज पानी के अंदर हमला करने के लिए प्रशिक्षित हैं.’
साथ ही बताया गया है, ‘इसलिए गुजरात में किसी भी तरह की प्रतिकूल परिस्थिति से निपटने और सुरक्षा के उपाय करने के लिए निर्देश दिए गए हैं. यह सलाह दी गई कि मुंद्रा पोर्ट के सभी जहाज अत्यंत सुरक्षा उपाय करें और सतर्क निगरानी बनाए रखें.’
कच्छ में कंडला पोर्ट ट्रस्ट के नाम से जाने जाते रहे दीनदयाल पोर्ट ट्रस्ट के सिगनल सुपरिंटेंडेंट के दस्तखतों के साथ जारी अलर्ट में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने को कहा गया है, जिसमें ‘तैयारी और सतर्कता की चरम स्थिति’ बनाए रखना, कमज़ोर पड़ सकने वाले इलाकों में अधिकतम उपलब्ध संसाधनों तथा कर्मियों की तैनाती, तट के निकट संदिग्ध व्यक्तियों व नौकाओं पर नज़र रखना, तट के आसपास गश्त लगाते रहना और आसपास के घरों तथा दफ्तरों में सभी वाहनों की तलाशी लिया जाना शामिल हो.

यह अलर्ट कश्मीर को लेकर भारत सरकार द्वारा किए गए फैसलों तथा पाकिस्तान की ओर से पिछले कुछ हफ्तों में जारी किए गए आक्रामक बयानों से भारत व पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव के चलते जारी किया गया है.

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श्रीलंका में हुए सीरियल बम धमाके में 10 भारतीय भी शामिल, IS ने ली धमाके की जिम्मेदारी

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रविवार को पड़ोसी मुल्क श्रीलंका में आतंकी हमला हुआ, एक दशक बाद शांती से रह रहे पड़ोसी देश पर ये हमला हुआ। इस्लामिक इस्टेट (IS) ने इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ने ली है। अमाक न्यूज एजेंसी के हवाले से रॉयटर्स ने इस खबर की पुष्टि की। इस हमले में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को इस धमाके में मरने वालों का आंकड़ा 300 तक पहुंच गया है। श्रीलंका के सिरीयल ब्लासट 8 जगहों पर सिलसिलेवार रूप से बम धमाके हुए थे।
इस धमाके में मरने वालों की संख्या 300 तक बताई जा रही है जिनमे से 45 लोग विदेशी है और इन 45 में से 10 लोग भारतीय हैं। आज श्रीलंका में संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, इस सत्र में मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। आज ही देश में शोक दिवस भी मनाया जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज में एक वीडियो सामने आई है जिसमे एक संदिग्ध बैग के साथ ईस्टर के दिन चर्च के पास नजर आ रहा है।

https://twitter.com/ANI/status/1120648357007876098
इस आतंकी हमले में जिन 10 भारतीयों की मौत हुई है, उसमें कर्नाटक के रहने वाले दो जेडीएस कार्यकर्ता भी शामिल है। इस बात की जानकारी कर्नाटक के सीएम एच.डी. कुमारस्वामी ने ट्वीट कर दी थी कि उनके 8 कार्यकर्ता श्रीलंका में लापता हैं, जिसमें से 2 की मौत की पुष्टि की जा चुकी है।
ईस्टर त्योहार के मौके पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो, कैंडी समेत कई शहर में कुल 8 धमाके हुए थे। घायलों की संख्या 500 के करीब बताई जा रही है। श्रीलंका ने इस हमले को एक बड़ी चूक माना है और इसके लिए विदेशी आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है, श्रीलंका की सरकार की ओर से इस हमले का जिम्मेदार श्रीलंकाई मुस्लिम ग्रुप नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) को ठहराया गया है।
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने इस बीच घोषणा करते हुए कहा कि वे दूसरे देशों से सहयोग चाहते हैं ‘क्योंकि खुफिया रिपोर्ट ने स्थानीय आतंकवादियों के साथ ही विदेशी आतंकवादियों के शामिल होने की बात कही है।’
रविवार को हमला होने के बाद सोमवार को भी खतरा बरकरार रहा था, पेट्टा के मुख्य बस स्टेशन पर सोमवार को 87 डोटेनेटर पाए गए थे, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। इसके अलावा हवाई अड्डे के पास भी एक जिंदा बम मिला था।

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जम्मू-कश्मीर के शोपियां में में एक बार फिर हमला, 2 आतंकियों को किया ढेर, ऑपरेशन जारी

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जम्मू-कश्मीर में लगातार सुरतक्षाबलों पर हो रहे हमले के बीच शनिवार को
जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई
मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर कर दिए। कश्मीर के शोपियां के गहंद क्षेत्र
में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी सूचना मिलने के बाद
सुरक्षाबलों के द्वारा घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया गया, सुरक्षाबलों और
आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए जिनकी पहचान की पहचान
की जा रही है।
https://twitter.com/ANI/status/1116946194134126592

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For Terrorism Fund, Masood Azhar Went To UK, Gulf, Africa

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Jaish-e-Mohammed chief Masood Azhar visited England to collect funds for terrorists camp in Jammu and Kashmir and his travel was facilitated by a Muslim cleric of Gujarati origin.
As he stayed in the UK, he visited a number of mosques and collected Rs. 15 lakh in Pakistani currency.
Azhar is the founder of Jaish-e-Mohammed, responsible for a series of terror strikes in India including the attack on Parliament in 2001 and a CRPF convoy in Pulwama last month.
According to Azhar’s interrogation report available with security agencies in New Delhi, he had visited the UK in October 1992.
“I stayed with Mufti Ismail in the UK for about a month and visited several mosques in Birmingham, Nottingham, Burleigh, Sheffield, Dudsbury and Leicester where I sought financial assistance for Kashmir (terrorists). I could collect Rs. 15 lakh (Pakistani currency),” he told his interrogators.
“Since Hizbul Mujahideen owed allegiance to Jamat, we were politely refused any aid. The Arab nations as such do not want to give aid for the Kashmir cause,” he told the interrogators.
“I spent two days in Dhaka and thereafter travelled to Delhi by Bangladesh Airlines (Biman), reaching the IGI Airport in the early hours of January 29, 1994. The immigration officials at the IGI commented that I did not look like a Portuguese but when I replied that that I was a Gujarati by birth, he did not hesitate to stamp my passport.”
“I hired a taxi and asked for a good hotel. I was taken to the Ashok hotel in Chanakyapuri where I stayed,” the interrogation report read.
“They were happy about my visit and merger of Harkat-ul-Mujahideen and Harkat-ul-Jihad al-Islami. I had taken their addresses and letters so that I could communicate their welfare to their families after returning to Pakistan,” he had told the interrogators.
“Farooq started running and opened fire which was returned by the Army men. Farooq managed to escape but I along with Afghani was arrested,” he told the interrogators.

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