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Election

Congress releases first list for Delhi with four names

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The Congress yesterday confirmed its candidates for four out of the seven seats in Delhi for the Lok Sabha elections, senior party leaders said.

Delhi Congress in-charge PC Chacko on Thursday said the party’s chief election committee had decided on candidates from Chandni Chowk, Northeast Delhi, Northwest Delhi and New Delhi constituencies.

In a meeting of the committee, confirmed by Congress president Rahul Gandhi, it was said that senior leader Kapil Sibal will represent the party from Chandni Chowk, Ajay Maken from New Delhi, JP Agarwal from Northeast Delhi and Raj Kumar Chauhan from Northwest Delhi.

“The names have been finalised for four seats. The names for the remaining three seats are yet to be decided. That will be done in a day or two,” Chacko said.

He said candidates from the remaining three seats —South, West, and East Delhi will be announced soon.

“The leaders could not come to an agreement for the remaining three seats. But that will be done soon,” he added.

Chacko said, “I do not want to speak about the alliance of the parties unless a decision is taken. But it is protocol that we submit the names of Congress candidates from all seven seats.”

“The AAP has officially opted out of an alliance with the Congress. We will conduct the Lok Sabha polls by our own. This message has been conveyed to the Congress now,” senior AAP leader Sanjay Singh said.

The AAP wanted an alliance with the Congress and were ready to offer three seats to Congress in Delhi in return for two seats for itself and three for Jannayak Janata Party (JJP) in Haryana.

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Election

एक बार फिर से ‘चौकीदार’ बन गए BJP सांसद उदित राज, 5 घटों में नरम पड़े बगावती सुर

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Bjp नेता उदित राज ने दिल्ली की उत्तर पश्चिमी सीट से टिकट कटते ही अपने
बागी तेवर अख्तियार किया, लेकिन उनके ये तेवर जादा देर नहीं टीके कुछ ही
घंटो में उनके सुर नरम पड़ गए। टिकट न मिलने की आशंका के कारण सुबह लगभग 11
बजे ट्विटर पर अपने नाम के आगे से चौकीदार हटा लिया, लेकिन शाम 4 बजे के
करीब उन्होंने फिर से अपने नाम के आगे चौकीदार जोड़ लिया।. माना जा रहा कि
पार्टी हाईकमान के रुख को देखते हुए उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। इसकी
झलक दोपहर में उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी देखने को मिली।
उदित राज ने दोपहर में उत्तर पश्चिमी सीट से सूफी सिंगर हंस राज के नाम का
एलान होने के साथ ही अपने ट्वीटर हैंडल से अपने नाम के आगे से चौकीदार हटा
लिया था।  इससे पहले जब पीएम मोदी ने ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार
लगाया था तो सभी बीजेपी नेताओं के साथ-साथ समर्थकों में भी नाम के आगे
चौकीदार लगाने की होड़ मच गई थी।

पिछले कई दिनों से उदित राज को टिकट मिलने पर संका था। बीजेपी ने दिल्ली की
7 में से 6 सीटों पर टिकट का ऐलान कर दिया, लेकिन अंतिम वक्त तक उदित राज
की सीट पर पत्ते नहीं खोले। अब नामांकन की समय सीमा खत्म होने से कुछ घंटे
पहले बीजेपी ने जैसे ही हंस राज हंस के नाम का ऐलान किया, वैसे ही उदित राज
ने ट्विटर पर अपना नाम बदल लिया। अब वे फिर से डॉक्टर उदित राज हो गए हैं।
https://twitter.com/Dr_Uditraj/status/1120520884656267264
सबह ही उदित राज ने बीजेपी को खुली धमकी दी थी कि अगर बीजेपी ने उन्हे टिकट
नही दिया तो वो पार्टी छोड़ देंगे और नामाकंन फॉर्म भी भर देंगे उन्होने
कहा कि मैं किस पार्टी में जाउंगा उसका खुलासा मैं बाद में करूंगा।
उदित राज ने कहा था कि पार्टी मुझे छोड़ रही है। उन्होने कहा देशभर में
मेरा संगठन है, मैं दलित चेहरा हूं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
ने मुझे पहले ही आगाह किया था और यह तक बोल दिया था कि पार्टि मुझे टिकट
नही देगी केवल यही नही एक बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी संसद में
मुझे कहा था कि आप गलत पार्टी में हैं।

माना जा रहा है कि उदित राज बीजेपी को छोड़ दे, उन्होंने कहा कि मैं किस
पार्टी में जाऊंगा उसका खुलासा मैं बाद में करूंगा।
अपना टिकट कटने की आशंका के चलते ही उदित राज ने अपनी पार्टी से उम्मीदवारी
को लेकर संशय समाप्त करने को कहा था। पार्टी की ओर से कोई संकेत न मिलने पर
उदित रज ने साफ कर दिया है कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देती है तो वह
बीजेपी को अलविदा कह देंगे।
उदित राज का राजनीतिक जीवन काफी दिलचस्प रहा है। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के
रामनगर में हुआ था और उन्होने अपनी पढ़ाई इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और दिल्ली
स्थित JNU से पूरी की है। अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के अधिकारों को
लेकर सक्रिय रहने वाले उदित राज कॉलेज के समय से ही मुखर रहे हैं।
1988 में भारतीय राजस्व सेवा के लिए चुने गए और दिल्ली में आयकर विभाग में
उपायुक्त, संयुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त के पदों पर उदित राज ने अपनी
सेवाएं दीं। 2001 में हिंदू धर्म की जाति व्यवस्था के आलोचक उदित राज ने
बौद्ध धर्म स्वीकार किया था। 24 नवंबर 2003 में अपनी राजनीतिक सोच को मूर्त
रूप देने के लिए उदित को सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर उन्होंने इंडियन
जस्टिस पार्टी का गठन किया था।

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Election

मुर्शिदाबाद में वोटर की मौत से बवाल, पोलिंग अफसर ने किया सुसाइड

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लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान को भंग करने के लिए उपद्रवियों ने कोई
कसर नहीं छोड़ी मुर्शिदाबाद के रानीनगर इलाके में मंगलवार को मतदान के
दौरान उपद्रवियों ने पोलिंग बूथ के पास देसी बम मारे और वोटरों को डराने का
प्रयास किया। बंगाल में हुई हिंसा बढ़ती जा रही है जिसमें एक वोटर की मौत
भी हो गई।
मुर्शिदाबाद में कांग्रेस और टीएमसी समर्थकों के बीच भीषण झड़प हुई। जिसमें
पोलिंग बूथ की लाइन में लगे एक वोटर की मौत भी हो गई। कांग्रेस उम्मीदवार
अबु हीना का दावा है कि जिस व्यक्ति की मौत हुई है, वह कांग्रेस का
कार्यकर्ता है।

https://twitter.com/ANI/status/1120631105659367424
बंगाल में वोटिंग के दौरान एक पोलिंग ऑफिसर ने सुसाइड कर लिया है। सूत्रो
के अनुसार खरबर है कि वह चुनाव की जिम्मेदारियों को पूरा करने के बाद वह
अपने घर चला गया था। आज होने वाले मतदान में इस अफसर की ड्यूटी थी, लेकिन
वह अपने बूथ पर नहीं पहुंचा। ड्यूटी पर जाने से पहले ही यानी की पोलिंग बूथ
पर जाने से पहले ही अफसर ने अपने घर पर सुसाइड कर लिया था। हालांकि, पुलिस
ने शुरुआती जांच में अब तक पारिवारिक कारण पाया है।
पोलिंग बूथ पर कड़ी सुरक्षा इंतजामों के बावजूद मतदान को प्रभावित करने की
कोशिश की जा रही है। सुबह 7 बजे जैसे मतदान शुरू हुआ तो वोटरों की लंबी
लाइन देखने को मिली। लेकिन 10 बजे तक माहौल पूरी तरह से बदल गया और अचानक
हिंसा बढ़ गई।
पश्चिम बंगाल के मालदा में बीजेपी दफ्तर पर हमला हुआ है, ये दफ्तर बूथ नंबर
156, 157 के पास है। आरोप लगाया जा रहा है कि टीएमसी समर्थकों ने बीजेपी
दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़ की.

https://twitter.com/ANI/status/1120623839875088384
सबसे पहले मुर्शिदाबाद के डोमकाल इलाके में हिंसा हुई और यहीं से दो गुटों
में भीषण झड़प हुई। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के 3 कार्यकर्ता बुरी तरह से
घायल हुए।
इसके बाद रानीनगर इलाके में बूथ नंबर 47-48 के पास भी कुछ उपद्रवियों ने
देसी बम फेंके। इनका मकसद वोटरों को डरा कर वापस भगाना था, बम फेंक ये सभी
भाग गए। ये उपद्रवी किसी राजनीतिक दल या गुट से थे, अभी इसका पता नहीं चल
सका है।
इस झपड़ा कि खबर के बाद से पोलिंग बूथों के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा
दी गई है। रानीनगर के अलावा मालदा इलाके में भी हिंसा की खबरें हैं, यहां
पर मालदा के छांछल इलाके में कुछ जगह बमबारी की गई। यहां पर बूथ नंबर 216
को निशाना बनाया गया।
यह ध्यान देने वाली बता है कि अभी तक के हुए चरणों में बंगाल चुनाव में
हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। BJP लगातार राज्य की ममता सरकार पर
लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाती रही है, वहीं टीएमसी ने भी अमित शाह
पर पलटवार किया था।

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सिर्फ दिल्ली में कांग्रेस से गठबंधन के लिए आम आदमी पार्टी तैयार नहीं है : मनीष सिसोदिया

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दिल्ली में आप सरकार ने कांग्रेस सरकार से गढ़बंधन से इनकार कर दिया। शनिवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस ने कल रात हरियाणा में भी आप के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है, ऐसे में सिर्फ़ दिल्ली में कांग्रेस से गठबंधन के लिए आप तैयार नहीं है।  सिसोदिया ने कहा कि मोदी शाह की जोड़ी को फिर से सत्ता में आने से रोकने के लिए आप ने गठबंधन की पहल की थी,  लेकिन कांग्रेस सीटों के गणित में लगी है। उसका मक़सद मोदी-शाह की जोड़ी के ख़तरे से देश को बचाना नहीं है।  हालांकि की अभी तक उन्होने गठबंधन की बातचीत पर पूर्णविराम लगने के सवाल पर कहा हमने अपनी तरफ़ से हर सम्भव प्रयास कर लिया है। अब आगे का फैसला कांग्रेस पर ही निर्भर है, मुझे नहीं लगता है कि कांग्रेस भाजपा को रोकने के लिए संजीदा है।  इस दौरान गठबंधन के लिए बातचीत कर रहे आप के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह ने कहा, “कल कांग्रेस ने पंजाब और हरियाणा में गठबंधन का अध्याय बंद कर दिया है. हमें नहीं समझ आ रहा है कि कांग्रेस, मोदी-शाह की जोड़ी को सत्ता में आने की संभावना को ज़िंदा क्यों रख रही है।”
इससे पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना को देखते हुए ‘आप’ ने अपने तीन प्रत्याशियों के नामांकन दाखिले की प्रक्रिया 22 अप्रैल तक टाल दी है। आतिशी, पंकज गुप्ता और गुग्गन सिंह के नामांकन पत्र अब 20 अप्रैल की जगह 22 अप्रैल को भरे जाएंगे। इसके अलावा बाकी तीन उम्मीदवार भी सोमवार को पर्चा दाखिल करेंगे। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने कहा था कि गठबंधन पर कांग्रेस को फैसला लेने के लिए समय देने के लिए नामांकन दाखिले का काम टाल दिया गया। आप ने हरियाणा में कांग्रेस को गठबंधन के लिए 7,2,1 का फार्मूला दिया था।

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