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विकास गुप्ता ने दी डॉक्टर के पास ले जाने की सलाह, प्रियांक ने मारी थी सर पर बौतल

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मुंबई मे कुछ दिनों पहले एक फाइव स्टार होटल मे बिग बॉस सिजन 11 के
कंटेस्टेंट रहे विकास गुप्ता और प्रियांक शर्मा के बीच लड़ाई की खबरें आई
थीं। दोनो ही काफी अच्छे दोस्त थे लेकिन इस लड़ाई के बाद से इन दोनो ने
बातचीत तक बंद कर दी है। जिसका खुलासा विकास गुप्ता ने अब किया है और
प्रियंका शर्मा को स्टेरॉयड की दुकान तक कह डाला है।
विकास गुप्ता ने इस लड़ाई का कारण बताते हुआ कहा कि उन्होने प्रियंका की
वैब सीरीज पंच बीट के सेट पर प्रिंयंका के अनप्रोफेशनल रवैये के बारे मे
सभी लोगो को बता दिया था।विकास गुप्ता ने एक पोर्टल से कहा, ”ये उन्हीं एक
हमलों में से था जो प्रियांक को स्टेरॉयड लेने के बाद आता है। ऐसी घटना
पहले भी जुहू के JW Marriott की जिम में हो चुकी है, लेकिन तब मामला इतना
बड़ा नहीं था। विकास गुप्ता ने कहा कि प्रियांक के अनप्रोफेशल बिहेवियर की
वजह से मुझे लाखों का नुकसान हुआ है।”

विकास गुप्ता ने कहा कि पहले मुझे लग रहा था कि प्रियंका शर्मा ने ड्रिंक
की है लोकिन नहीं यह एक स्टेरॉयड अटैक था। उन्होने कहा कि प्रियांक ने मुझे
धक्का मार मेरा रास्ता रोका। मैने उनसे लड़ाई ना करने का पूरा बचाव किया
लेकिन प्रियंका ने मुझपर पानी की बोतल फेंककर मारी, जो कि दीवार पर जा
लगी। भगवान का शुक्र है कि मैं बच गया और मुझे मुंह पर चोट नहीं आई। इस
हरकत को देख मैं जिम से चला गया।”

विकास गुप्ता का कहाना कि ये घटना सीसीटीवी में कैद हुई होगी जिसमें वह
लड़ाई से भागते हुए मदद मांगने के लिए चिल्लाते दिखाई दे रहै है जहां पर
प्रियांक ने उनके भागने पर उन्हे कहा कि देखो कैसे लड़कियों की तरह भाग रहा
है। विकास ने कहा कि अगर मैं किसी से लड़ता नहीं हूं तो इसका मतलब यह नही
है कि मै किसी से लड़ नही सकता।


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विकास का कहना है कि उन्होने प्रियांक को डॉक्टर के पास ले जाने को कहा है
साथ ही उन्होने कहा कि पहले प्रियांक मेरा बहुत अच्छा दोस्त था लेकिन अब
उसके बदलते व्यवहार को देख मुझे डर लगता है।
प्रियांक शर्मा ने इस लड़ाई पर अभी तक कोई जवाब नही दिया है अब बस इन दोनो
की दोस्ती के फैंस इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या इन दोनो की दोस्ती
पहले जैसी हो पाएगी या नहीं।

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Crime

आसाराम के बेटे नारायण साईं को 30 अप्रैल को सजा का ऐलान, रेप केस में हुए दोषी करार

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शुक्रवार को आसाराम बापू के बेटे नारायण सांई को सूरत की सेशंस कोर्ट ने
रेप केस में दोषी करार दिया है, 30 अप्रैल को नारायण साईं की सजा का ऐलान
होगा। सूरत की कोर्ट ने वहां रहने वाली दो बहनों के जरिए लगाए गए बलात्कार
के आरोप में और लोकेशन से मिले सबूतों के आधार पर नारायण सांई को दोषी करार
दिया है। करीब 11 साल से दोनो बाप बेटे यानी आसाराम और नारायण सांई पर ये
रेप का केस चल रहा है।
दोनों पीड़िता बहनों ने इस केस में ठोस सबूतों और लोकेशन की पहचान की है।
नारायण साईं के खिलाफ छोटी बहन ने ठोस सबूत देते हुए हर लोकेशन की पहचान की
जबकि आसाराम बापू के खिलाफ बड़ी बहन ने मामला दर्ज करवाया था। गांधीनगर के
कोर्ट में आसाराम के खिलाफ मामला चल रहा है तो वहीं 53 गवाहों का बयान
नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में बयान दर्ज किया जा चुका है। इन गवाहों में
कई अहम गवाह भी मौजूद है कुछ ऐसे है जिन्होने एक समय में नारायण साईं को
लड़कियों को अपना शिकार बनाते हुए देखा था या फिर उसकी मदद की थी, लेकिन अब
वही लोग गवाह बन गए हैं।
रेप कैस का मामला दर्ज होते ही नारायण साईं (एफआईआर) अंडरग्राउंड हो गया
था। वह पुलिस से बचकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। सूरत के पुलिस
कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग
टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी थी।
एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में नारायण साईं
हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त
नारायण साईं ने सिख व्यक्ति का भेष धर रखा था। खुद को कृष्ण का रूप बाताने
वाले नारायण साईं की गिरफ्तारी के बाद उसके कृष्ण की तरह महिलाओं के बीच
बांसुरी बजाने के कई वीडियो भी सामने आए थे।
नारायण साईं पर जेल में रहते हुए पुलिस कर्मचारी को 13 करोड़ रुपये की
रिश्वत देने का भी आरोप लगा था, लेकिन इस मामले में नारायण साईं को जमानत
तो मिल चुकी है लेकिन रेप के मामले में अभी भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

आसाराम के बेटे नारायण साईं को 30 अप्रैल को सजा का ऐलान, रेप केस में हुए
दोषी करार
शुक्रवार को आसाराम बापू के बेटे नारायण सांई को सूरत की सेशंस कोर्ट ने
रेप केस में दोषी करार दिया है, 30 अप्रैल को नारायण साईं की सजा का ऐलान
होगा। सूरत की कोर्ट ने वहां रहने वाली दो बहनों के जरिए लगाए गए बलात्कार
के आरोप में और लोकेशन से मिले सबूतों के आधार पर नारायण सांई को दोषी करार
दिया है। करीब 11 साल से दोनो बाप बेटे यानी आसाराम और नारायण सांई पर ये
रेप का केस चल रहा है।
दोनों पीड़िता बहनों ने इस केस में ठोस सबूतों और लोकेशन की पहचान की है।
नारायण साईं के खिलाफ छोटी बहन ने ठोस सबूत देते हुए हर लोकेशन की पहचान की
जबकि आसाराम बापू के खिलाफ बड़ी बहन ने मामला दर्ज करवाया था। गांधीनगर के
कोर्ट में आसाराम के खिलाफ मामला चल रहा है तो वहीं 53 गवाहों का बयान
नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में बयान दर्ज किया जा चुका है। इन गवाहों में
कई अहम गवाह भी मौजूद है कुछ ऐसे है जिन्होने एक समय में नारायण साईं को
लड़कियों को अपना शिकार बनाते हुए देखा था या फिर उसकी मदद की थी, लेकिन अब
वही लोग गवाह बन गए हैं।
रेप कैस का मामला दर्ज होते ही नारायण साईं (एफआईआर) अंडरग्राउंड हो गया
था। वह पुलिस से बचकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। सूरत के पुलिस
कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग
टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी थी।
एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में नारायण साईं
हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त
नारायण साईं ने सिख व्यक्ति का भेष धर रखा था। खुद को कृष्ण का रूप बाताने
वाले नारायण साईं की गिरफ्तारी के बाद उसके कृष्ण की तरह महिलाओं के बीच
बांसुरी बजाने के कई वीडियो भी सामने आए थे।
नारायण साईं पर जेल में रहते हुए पुलिस कर्मचारी को 13 करोड़ रुपये की
रिश्वत देने का भी आरोप लगा था, लेकिन इस मामले में नारायण साईं को जमानत
तो मिल चुकी है लेकिन रेप के मामले में अभी भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

आसाराम के बेटे नारायण साईं को 30 अप्रैल को सजा का ऐलान, रेप केस में हुए
दोषी करार
शुक्रवार को आसाराम बापू के बेटे नारायण सांई को सूरत की सेशंस कोर्ट ने
रेप केस में दोषी करार दिया है, 30 अप्रैल को नारायण साईं की सजा का ऐलान
होगा। सूरत की कोर्ट ने वहां रहने वाली दो बहनों के जरिए लगाए गए बलात्कार
के आरोप में और लोकेशन से मिले सबूतों के आधार पर नारायण सांई को दोषी करार
दिया है। करीब 11 साल से दोनो बाप बेटे यानी आसाराम और नारायण सांई पर ये
रेप का केस चल रहा है।
दोनों पीड़िता बहनों ने इस केस में ठोस सबूतों और लोकेशन की पहचान की है।
नारायण साईं के खिलाफ छोटी बहन ने ठोस सबूत देते हुए हर लोकेशन की पहचान की
जबकि आसाराम बापू के खिलाफ बड़ी बहन ने मामला दर्ज करवाया था। गांधीनगर के
कोर्ट में आसाराम के खिलाफ मामला चल रहा है तो वहीं 53 गवाहों का बयान
नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में बयान दर्ज किया जा चुका है। इन गवाहों में
कई अहम गवाह भी मौजूद है कुछ ऐसे है जिन्होने एक समय में नारायण साईं को
लड़कियों को अपना शिकार बनाते हुए देखा था या फिर उसकी मदद की थी, लेकिन अब
वही लोग गवाह बन गए हैं।
रेप कैस का मामला दर्ज होते ही नारायण साईं (एफआईआर) अंडरग्राउंड हो गया
था। वह पुलिस से बचकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। सूरत के पुलिस
कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग
टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी थी।
एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में नारायण साईं
हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त
नारायण साईं ने सिख व्यक्ति का भेष धर रखा था। खुद को कृष्ण का रूप बाताने
वाले नारायण साईं की गिरफ्तारी के बाद उसके कृष्ण की तरह महिलाओं के बीच
बांसुरी बजाने के कई वीडियो भी सामने आए थे।
नारायण साईं पर जेल में रहते हुए पुलिस कर्मचारी को 13 करोड़ रुपये की
रिश्वत देने का भी आरोप लगा था, लेकिन इस मामले में नारायण साईं को जमानत
तो मिल चुकी है लेकिन रेप के मामले में अभी भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

शुक्रवार को आसाराम बापू के बेटे नारायण सांई को सूरत की सेशंस कोर्ट ने
रेप केस में दोषी करार दिया है, 30 अप्रैल को नारायण साईं की सजा का ऐलान
होगा। सूरत की कोर्ट ने वहां रहने वाली दो बहनों के जरिए लगाए गए बलात्कार
के आरोप में और लोकेशन से मिले सबूतों के आधार पर नारायण सांई को दोषी करार
दिया है। करीब 11 साल से दोनो बाप बेटे यानी आसाराम और नारायण सांई पर ये
रेप का केस चल रहा है।
दोनों पीड़िता बहनों ने इस केस में ठोस सबूतों और लोकेशन की पहचान की है।
नारायण साईं के खिलाफ छोटी बहन ने ठोस सबूत देते हुए हर लोकेशन की पहचान की
जबकि आसाराम बापू के खिलाफ बड़ी बहन ने मामला दर्ज करवाया था। गांधीनगर के
कोर्ट में आसाराम के खिलाफ मामला चल रहा है तो वहीं 53 गवाहों का बयान
नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में बयान दर्ज किया जा चुका है। इन गवाहों में
कई अहम गवाह भी मौजूद है कुछ ऐसे है जिन्होने एक समय में नारायण साईं को
लड़कियों को अपना शिकार बनाते हुए देखा था या फिर उसकी मदद की थी, लेकिन अब
वही लोग गवाह बन गए हैं।
रेप कैस का मामला दर्ज होते ही नारायण साईं (एफआईआर) अंडरग्राउंड हो गया
था। वह पुलिस से बचकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। सूरत के पुलिस
कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग
टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी थी।
एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में नारायण साईं
हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त
नारायण साईं ने सिख व्यक्ति का भेष धर रखा था। खुद को कृष्ण का रूप बाताने
वाले नारायण साईं की गिरफ्तारी के बाद उसके कृष्ण की तरह महिलाओं के बीच
बांसुरी बजाने के कई वीडियो भी सामने आए थे।
नारायण साईं पर जेल में रहते हुए पुलिस कर्मचारी को 13 करोड़ रुपये की
रिश्वत देने का भी आरोप लगा था, लेकिन इस मामले में नारायण साईं को जमानत
तो मिल चुकी है लेकिन रेप के मामले में अभी भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

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पत्नी अपूर्वा शुक्ला ने ही घोंटा था रोहित शेखर का गला, पूछताछ के बाद गिरफ्तार

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चार बार कांग्रेस की तरफ से यूपी के और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडीए तिवारी के बेटे रोहित शेखर की मृत्यु जो कि हत्या पोस्टमोर्टम में हत्या बताई गई थी पुलिस ने उस मामले को सुलझा लिया है। रोहित शेखर की हत्या में क्राइमब्रांच की शक पर रहे रोहित शेखर के भाई सिद्धार्थ और उनकी पत्नी अपूर्वा थे लेकिन आज क्राइम ब्रांच ने इस शक को खत्म कर आरोपी यानी रोहित शेखर की पत्नी अपूर्वा शुक्ला को अपनी हिरासत मे ले लिया है। क्राइम ब्रांच ने अपूर्वा कि गिरफ्तारी उनके खिलाफ ठोस सबूत मिलने के बाद ली है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक रोहित शेखर के हत्याकांड मे रोहित की पत्नी अपूर्वा लगातार अपने बयान बदल रही थी, जिस कारण सारा शक अपूर्वा के आसपास ही घूम रहा था। शुरू से लेकर अब तक अपूर्वा लगातार तीन बार अपने बयान बदल चुकी है। जिसकी वजह से पुलिस का शक पुख्ता होने लगा था। पुलिस वारदात के बाद से रोहित की पत्नी समेत घर के 6 लोगों से पूछताछ कर रही थी।
कड़ी पूछताछ के दौरान आखिर अपूर्वा ने सच उगल ही दिया, अपूर्वा के लगातार बदलते बयानों से पुलिस का शक गहरा होता गया। रोहित शेखर की मौत के बाद जिस तरह के घटनाक्रम सामने आये उससे अपूर्वा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिससे ये साफ हो गया कि हत्या वाली रात अपूर्वा और रोहित के बीच झगड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि उस रात रोहित अपनी एक महिला मित्र के साथ शराब पी रहा था और अपूर्वा ने उसे देख लिया था। इसी के साथ पहले से रोहित और अपूर्वा के बीच अपूर्वा के मायके वोलो के लिए मकान बनाने की बात पर भी झगड़ा हो रहा था। बताते हैं कि अपूर्वा और रोहित के बीच इस मामले को लेकर हत्या वाली रात हाथापाई हुई थी और उसी दौरान रोहित का गला दबाकर उसे मार दिया गया.
शक के चलते पुलिस ने अपूर्वा का ब्लड सेंपल और घटनास्थल पर पाए गए खून के नमूने भी लिए थे जिसे परीक्षण के लिए भेजा गया है। अपूर्वा ने सबूत मिटाने के लिए अपना मोबाइल तक फार्मेट कर दिया था और जिस कमरे में रोहित की हत्या हुई वहां के सीसीटीवी कैमरे खराब होना भी इस बात की तस्दीक करता था कि हत्या में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, घर का ही कोई शख्स शामिल था।
अपूर्वा के बयानों के अनुसार उसके और रोहित के बीच में हाथापाई के दौरान दोनों ही एक दूसरे को मारने की कोशिश कर रहे थे। जिसमें अपूर्वा कामयाब हो गई।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक अब तक की तफ्तीश यही इशारा कर रही थी कि कातिल घर का ही है, हालांकि पुलिस अब तक कई किश्तों में घंटों रोहित की पत्नी अपूर्वा, रोहित के भाई सिद्धार्थ और घर के नौकर और ड्राइवर से पूछताछ कर चुकी थी। मगर कातिल का नाम उजागर करने से पहले वो कत्ल की सारी कड़ियों को जोड़ लेना चाहती थी।
वारदात के दिन घर के दिन छह लोग मौजूद थे, ना बाहर से कोई अंदर आया और ना ही घर से कोई बाहर गया। घटना वाले दिन घर के सात कैमरों में से दो कैमरे खराब थे और ये वो दो कैमरे थे, जो रोहित शेखर के बेडरूम के दरवाजे तक की सभी चीजों को खुद में कैद करते थे लेकिन हैरानी कि वही दो कैमरे खराब मिले जो ये बता सकते थे कि वारदात वाली रात रोहित के बेडरूम में कौन कौन मौजूद था और कौन नहीं?
मौत से कुछ घंटे पहले रोहित की पत्नी अपूर्वा ने रोहित की मां से कहा कि रोहित सो रहा है। जबकि उसी वक्त रोहित कमरे से बाहर आता है और मां के साथ खाना खाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रोहित की मौत 15-16 अप्रैल की रात एक से डेढ़ बजे के दरम्यान हुई? अगर रोहित की मौत दो बजे से पहले हो चुकी थी तो फिर 16 अप्रैल की रात दो से 4 बजे के बीच रोहित के मोबाइल से फोन करने की कोशिश किसने की? क्योंकि कॉल डिटेल के मुताबिक रोहित के मोबाइल से कॉल करने की कोशिश की गई थी, हालांकि कॉल लगी नहीं।
करीब रात एक के बजे रोहित अपने बेडरूम में चला गया था। मगर इसके बाद भी अगले दिन चार बजे तक नहीं उठा, यानी 24 घंटे से ज्यादा वो सोता रहा और घर के किसी शख्स को ये अजीब तक नहीं लगा? ऐसा क्यों? बस यही वो बात है जिसने दिल्ली की क्राइम ब्रांच में शक को यकीन में बदल दिया कि रोहित शेखर तिवारी का कातिल घर के बाहर नहीं बल्कि घर के ही अंदर है, पर सवाल है कि कौन? और पुलिस की जांच में शक की पायदान पर सबसे ऊपर रोहित की पत्नि अपूर्वा थी। वैसे तो अगर हम बात करें रोहित कि तो वो राजनीति से ताल्लूक रखते थे तो वहीं साल भर पहले उनकी शादी हुई अपुर्वा पैशे से वकील हैं और अपूर्वा ही रोहित के कमरे में आखिरी बार गई थी।
शक के घेरे में दूसरे नंबर पर रोहित का भाई सिद्धार्थ थे। सिद्धार्थ इसलिए क्योंकि पुलिस को लग रहा था कि करोड़ों की संपत्ति को लेकर भाई-भाई को रास्ते से हटा सकता है। घर में उस रात ड्राइवर समेत चार नौकर भी थे और ये चारों भी शक के घेरे में थे। अब चूंकि बाहर से कोई घर के अंदर नहीं आया तो इन चारों की भूमिका भी शक से परे नहीं थी। सीधे नहीं तो कत्ल में इनकी मदद की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता था।

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पत्नी के फोन से मिले अहम सुराग, रोहित शेखर मर्डर केस में परिवार पर भी शक की गुंजाईश

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मंगलवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की मौत का खुलासा हत्या  में हुआ है। शुक्रवार को शेखर की पोस्टमॉर्टम रिपॉर्ट से पता चला है कि उनकी मौत मुंह दबाने यानी दम घुटने के कारण हुई है जिसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम शेखर के घर डिफेंस कॉलोनी पहुंची है, जहां रोहित की मां उज्ज्वला तिवारी, पत्नी और उनके ससुर से पूछताछ हो रही है। इनके अलावा रोहित के भाई व सभी लोगों नौकरों से भी सवाल किए जा रहे हैं। टीम में पूछताछ के लिए महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परिवार में रोहित शेखर की मौत का पहला शक उनकी  पत्नी पर  किया जा रहा है। शेखर के कत्ल के वक्त के समय शेखर का भाई सिद्धार्थ घर में ही मोजूद था। जिस कारण सिद्घार्थ से सख्ती से पूछताछ की जा रही है। साथ ही घर के नौकरों से भी सख्ती से पूछताछ की जा रही है। शेखर की मौत को लेकर सबसे बड़ा सवाल शेखर की मां उज्जवला और उनकी पत्नी अपूर्वा के रिश्ते को लेकर किए जा रहे है। इसी के साथ शेखर की पत्नी अपूर्वा के कॉल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। अपूर्वा के फोन में 15-16 अप्रैल की रात जिन जिन लोगो को फोन किया उसकी पड़ताल की जा रही है। घर के तमाम लोग जो कत्ल के वक्त घर में मोजूद थे. सबके कॉल डीटेल्स खंगाले जा रहे है।
जांत पड़ताल शुरू हुई ही है कि रोहित के ससुर ने क्राइम ब्रांच से अपनी बेटी को बेगुनाह बताया है। रोहित के ससुर ने कहा है कि उनकी बेटी ने कुछ गलत नहीं किया है और वो किसी की हत्या नहीं कर सकती है।

शेखर राजधानी दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में अपनी मां और पत्नी के साथ रहते थे, 16 अप्रैल में रोहित शेखर अपने कमरे में काफी संदिग्ध हालत में पाए गए थे जिसके बाद उन्हे तुरंत ही साकेत के मैक्स अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरस ने उन्हे मृत घोषित कर दिया, इस दौरान रोहित की मां ने कहा कि रोहित की मौत स्वभाविक है। रोहित शेखर पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे थे।

रोहित शेखर की रिपोर्ट के हिसाब से उनका मुंह किसी चीज़ से दबाया गया और गला भी घोंटा गया जिस कारण उनकी मौत हो गई। उनकी मौत का समय 15-16 अप्रैल की दरम्यानी रात 1:30 बजे का है। जबकि रोहित को 16 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अस्पताल ले जाया गया. इसका मतलब ये है कि वो करीब 15 घंटे तक घर में ही मृत पड़े थे।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद शुक्रवार देर रात दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। अब क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले क्राइम ब्रांच की टीम ने रोहित के घर में सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला। रोहित के घर में 7 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें से मंगलवार यानी जिस दिन रोहित की हत्या कि गई थी उस दिन 2 कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इसके अलावा रोहित जहां मृत पाए गए थे क्राइम ब्रांच उस जगह की भी छानबीन कर रही है।

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