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Election

पीएम मोदी ने महिला प्रस्ताव के पैर छू वाराणसी से किया नामांकन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी सीट से अपना नामांकन कर दिया है।
वाराणसी से नामांकन के दौरान नरेंद्र मोदी ने अपने चार प्रस्तावकों में से
एक अन्नपूर्णा शुक्ला के पैर भी छुए। यह बात खबरो में है कि अन्नपूर्णा
शुक्ला, मदन मोहन मालवीय के परिवार से ताल्लुक रखती हैं। मोदी के
प्रस्तावकों में मोदी के चौकिदार से लेकर डोमराजा  के परिवार का एक सदस्य
भी शामिल है। पीएम मोदी वाराणसी की इस सीट से दूसरी बार मैदान में उतरे हैं
दूसरी बार उतरे हैं इससे पहले 2014 में वाराणसी में बीजेपी की ही सरकार थी।
https://twitter.com/BJP4India/status/1121665935360684040

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पीएम मोदा दोपहर 11.30 बजे वाराणसी के कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपना नामांकन
दाखिल किया। वाराणसी के कलेक्ट्रेट पहुंचते ही उन्होने सबसे पहले एनडीए के
नेताओं का स्वागत किया, कुछ देर अपना समय उनके साथ व्यतीत कर पीएम मोदी
नामांकन हाल पहुंचे और वहां मौजूद सभी प्रस्तावकों का उन्होने अभिनंनदन
किया और वहां पर मौजूद सबसे बुजुर्ग महिला अन्नपूर्णा शुक्ला के पीएम मोदी
ने पैर छुकर आशिर्वाद लिया।
डोम राजा जगदीश चौधरी भी प्रस्तावकों में शामिल हैं। पीढ़ियों से डोम राजा
जगदीश चौधरी मणिकर्णिका घाट पर शवों का दाह संस्कार  करता आ रहा है।
मणिकर्णिका घाट पर रहने वाले जगदीश वाराणसी में दाह संस्कार करने वालों में
प्रमुख हैं।

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Election

मुस्लिम मोहल्ले में PM मोदी को मिला शॉल, गले में लपेट बनारस रोड शो को बढ़ाया आगे

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गुरूवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी पहुंच रोड शो कर अपनी पार्टी
की शक्ति का प्रदर्शन किया जहां लोगो के लिए उनका प्यार जमकर बरसा
प्रधानमंत्री मोदी पर काशी के लोगो का ये प्यार सबसे अनोखा है लेकिन पीएम
के लिए ये प्यार कुछ नया नही है। काशी जो कि बाबा विश्वनाथ की नगरी भी
कहलाती है हमेशा से हि उन पर दिल खोलकर अपना प्यार और आशिर्वाद बरसाया है।
काशी की सड़को पर आपार जनसैलाब उमड़ा और बाबा विश्वनाथ की नगरी भगवामय हो
गई और जब पीएम का रोड शो मुस्लिम बहुल इलाके सोनारपुर से होकर गुजर रही थी
तो वहां पर रोड़ शो के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने पीएम मोदी को शॉल भेंट
करने की कोशिश की इस दौरान रोड़ शो में दिल लुभाने वाली बात यह रही की पीएम
मोदी ने अपना रोड़ शो रोककर शॉल लिया और उसे ओढ़ लिया और इसी बात पर वहां
मौजूद भीड़ वहां पर खुशी से झूम उठी।

https://twitter.com/sachinsingh1010/status/1121417388308586497
पीएम का रोड शो बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से निकलकर दशाश्वमेध घाट तक
पहुंचा जिसके बाद पीएम मोदी ने वहां गंगा आरती में हिस्सा लिया। आरती के
बाद पीएम ने वहां जनसभा को संबोधित किया। जनता को संबोधित करते हुए उन्होने
अपने भाषण में कहा कि समर्थ भारत के लिए, संपन्न भारत के लिए, सुखी भारत के
लिए विकास के साथ-साथ सुरक्षा जरूरी है और हमारे कदम एक ऐसी दिशा की तरफ
बढ़ रहे हैं जहां विज्ञान भी हो, आध्यात्मिकता भी हो, प्रतिभा भी हो,
पर्यटन भी हो, खान-पान हो तो खेलकूद भी हो, आधुनिकता हो लेकिन बिना
पश्चिमीकरण के।
पीएम का रोड शो काशी में अपने व्यक्तिव का चमत्कार दिखाने के लिए नही था
बल्कि पूर्वांचल के चुनाव में भी चमत्कार रचने के लिए था यह चमत्कार की
रचना कुछ इस प्रकार है जो बीजेपी को दूसरी बार सत्ता तक पहुंचाने का एक
जरूरी रास्ता है। पीएम मोदी के लिए काशी क्षेत्र एक चुनाव भर क्षेत्र नही
है बल्कि राजनीति के लिए एक ऐसी प्रयोगशाला है जिससे बीजेपी के लिए
चमत्कारिक परिणाम निकले है।
पिछले लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी की झोली में उत्तर प्रदेश और बिहार की
120 सीटों में से 104 सिटों को डालने वाला दांव बनारस ही था, नरेंद्र मोदी
अच्छी तरह समझते हैं कि कुर्तेके रंग से भी राजनीति कैसे बदली जाती है। वो
अच्छी तरह समझते हैं कि रोड शो के रास्ते से कैसे धर्म के मुहावरे बदले
जाते हैं और गंगा आरती से कैसे गेरुआ राजनीति की चाल बदल देनी है।
ऐसे समय में जब बड़े-बड़े नेता अपनी-अपनी सीटों पर अपने आत्मविश्वास का वजन
तौल रहे हैं, तो वहीं मोदी का आत्मविश्वास सबसे ज्यादा है। बनारस मोदी के
लिए सिर्फ शहर नहीं है, बल्कि उनकी सियासत का सबसे बड़ा संदेश है। मोदी जब
पहली बार बनारस आए थे, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वो काशी को विरोधियों
के लिए कयामत में बदल देंगे। मायावती को अंदाजा नहीं था कि मोदी उनके पैरों
के नीचे से जमीन तक खींच लेंगे और शून्य पर समेट देंगे।

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Election

कहीं मालेगांव में बीजेपी भारी न पड़ जाए, बीजेपी ने भोपाल जीतने के लिए साध्वी प्रज्ञा पर किया भरोसा

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भोपाल की लोकसभा सीट बीजेपी का गढ़ है और बीजेपी ने अपने गढ़ यानी की भोपाल की लोकसभा सीट के लिए मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को अपना प्रत्याशी बनाया है। साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से प्रत्याशी बनाकर ऐसा लग रहा है कि बीजेपी कांग्रेस को कड़ी चुनौती दे रही है लेकिन अब यह कहना थोड़ा मुश्किल हो रहा है क्योंकि बीजेपी के गढ़ महाराष्ट्र की धुले लोकसभा सीट पर इसका असर उल्टा दिखाई दे रहा है।
मालेगांव के बम धमाके की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह का धुले और मालेगांव दोनो इलाकों में जमकर विरोध हो रहा है। यहां पर साध्वी प्रज्ञा सिंह को बीजेपी से टिकट मिलने का मुद्दा इतना उछाला जा रहा है कि स्थानिय मुद्दे किनारे किए जा रहे हैं।
राजनीतिक खबरीयों के जरिए बताया जा रहा है कि बीजेपी के गढ़ धुले की लोकसभा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी और मौजूदा सांसद सुभाष भामरे को साध्वी प्रज्ञा के कारण कड़ी चुनौती मिल रही है।
साध्वी प्रज्ञा के पार्टि में आने के मिद्दे को लेकर धुले और मालेगांव के मुस्लिम बहुल इलाकों के वोट जो कि बीजेपी की तरफ रहा है वो अब कांग्रेस की ओर खिसकता हुए नजर आ रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि साध्वी प्रज्ञा का मुद्दा वोटिंग तक बना रहा तो इसमे कोई शक नही की इस मुद्दे से कांग्रेस को काफी फायदा हो सकता है। कांग्रेस ने धुले लोकसभा सीट से कुणाल पाटिल को चुनावी मैदान में उतारा है।
धुले लोकसभा सीट पर मुस्लिम वोटरों की संख्या काफी जादा है जिसे अगर हम आंकड़ो में गिने तो वह 17 फिसदी है जो सेंट्रल मालेगांव में रहते हैं। अब तक हुए चुनाव में यहां से बीजेपी को काफी अच्छे वोट मिलते रहे हैं लेकिन इस बार के हालात कुछ बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कांग्रेस विधायक आफिस शेख रसीद का कहना है कि साध्वी प्रज्ञा को टिकट मिलने पर मालेगांव के लोग नाराज है और मुझे यकीन है कि इस बार मुस्लिम वोटर कांग्रेस उम्मीदवार का साथ देंगे।
इस बार धुले से 11 मुस्लिम उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। मुस्लिमों का वोट इस बार किसे मिलेगा उसका अंदाजा लगाना मुश्किल है लेकिन साध्वी प्रज्ञा के मुद्दे ने सभी मुस्लमानों का एकजुट कर दिया तो वहीं वंचित बहुजन पार्टी के अहमद औऱ बीजेपी के बागी नेता औऱ प्रत्याशी अनिल गोटे अपनी जीत के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
बीजेपी नेता अनिल गोटे का भी यह कहना है कि साध्वी प्रज्ञा ने शहीद हेमंत करकरे को लेकर जो बयान दिए है उसे लेकर लोग काफी नाराज है और इसमें कोई शक नहीं है कि इसका असर वोटिंग पर भी असर पड़ेगा।
धुले लोकसभा सीट के अंदर आने वाली विधानसभा सीटों को देखा जाए तो 6 सीटों पर सिंदखेड़ा और धुले शहर पर बीजेपी का कब्ज़ा है। मालेगांव आउटर पर शिवसेना, धुले ग्रामीण और मालेगांव सेंट्रल पर कांग्रेस और बागलाण एनसीपी के कब्ज़े में है।
मुस्लमानो के अलावा धुले में 43 फीसदी मराठा वोटर भी हैं जिनका चुनाव में काफी महत्वपूर्ण कदम रहेगा और इस बार बीजेपी और कांग्रेस दोनो के ही प्रत्याशी मराठा समुदाय से आते हैं।

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