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Lok Sabha Election 2019 Full Schedule : लोकसभा चुनाव में आपकी सीट पर कब होगी वोटिंग, पढ़ें पूरी डिटेल खास बातें

Quis autem vel eum iure reprehenderit qui in ea voluptate velit esse quam nihil molestiae consequatur, vel illum qui.

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Lok Sabha Election 2019 Full Schedule : लोकसभा चुनाव में आपकी सीट पर कब होगी वोटिंग, पढ़ें पूरी डिटेल खास बातें

1. 7 चरणों में होगा मतदान

2. 23 मई को नतीजे आएंगे

3. आखिर चरण का मतदान 19 मई को

नई दिल्ली:चुनाव आयोग ने रविवार को लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) की तारीखों की घोषणा कर दी है. जिसके मुताबिक पहले चरण में 11 अप्रैल को 20 राज्यों की 91 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. इनमें आंध्र प्रदेश की 25, यूपी की 8, बिहार की 4, महाराष्ट्र की 7, अरुणाचल प्रदेश की 2, असम की 5, छत्तीसगढ़ की 1, जम्मू-कश्मीर की 2, मणिपुर की 1, मेघालय की 2, मिज़ोरम की 1, नागालैंड की 1, ओडिशा की 4, सिक्किम की 1, उत्तराखंड की 5, पश्चिम बंगाल की 2, लक्षद्वीप की 1, तेलंगाना की 17, त्रिपुरा की 1 और अंडमान की 1 सीटें शामिल हैं. दूसरे चरण में 18 अप्रैल को 12 राज्यों की 97 सीट पर वोट पड़ेंगे. इनमें असम की 5, बिहार की 5, छत्तीसगढ़ की 3, जम्मू-कश्मीर की 2, कर्नाटक की 14, महाराष्ट्र की 10, मणिपुर की 1, ओडिशा की 5, तमिलनाडु की 39, त्रिपुरा की 1, उत्तर प्रदेश की 8, पश्चिम बंगाल की 3 और पुड्डुचेरी की 1 सीटें शामिल हैं. तीसरे चरण में 23 अप्रैल को 14 राज्यों की 115 सीटों पर मतदान होगा. इनमें असम की 4, बिहार की 5, छत्तीसगढ़ की 7, गुजरात की 26, गोवा की 2, जम्मू-कश्मीर की 1, कर्नाटक की 14, केरल की 20, महाराष्ट्र की 14, ओडिशा की 6, उत्तर प्रदेश की 10, पश्चिम बंगाल की 5, दादरा और नगर हवेली की 1, और दमन-दीव की 1 सीटें शामिल हैं.

चौथे चरण में 29 अप्रैल को 9 राज्यों की 71 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. इनमें बिहार की 5, जम्मू-कश्मीर की 1, झारखंड की 3, मध्य प्रदेश की 6, महाराष्ट्र की 17, ओडिशा की 6, राजस्थान की 13, उत्तर प्रदेश की 13, और पश्चिम बंगाल की 8 सीटें शामिल हैं. पांचवें चरण में 6 मई को 7 राज्यों की 51 सीटों पर वोट पड़ेंगे. इनमें बिहार की 5, जम्मू-कश्मीर की 2, झारखंड की 4, मध्य प्रदेश की 7, राजस्थान की 12, उत्तर प्रदेश की 14 और पश्चिम बंगाल की 7 सीटें शामिल हैं. छठे चरण में 12 मई को 7 राज्यों की 59 सीटों पर वोट पड़ेंगे. इनमें बिहार की 8, हरियाणा की 10, झारखंड की 4, मध्य प्रदेश की 8, उत्तर प्रदेश की 14, पश्चिम बंगाल की 8 सीटें हैं… दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर भी इसी दिन वोटिंग होगी. सातवें चरण में 19 मई को 8 राज्यों की 59 सीटों पर वोट डाले जाएंगे… इनमें बिहार की 8, झारखंड की 3, मध्य प्रदेश की 8, पंजाब की 13, पश्चिम बंगाल की 9, चंडीगढ़ की 1, उत्तर प्रदेश की 13 और हिमाचल प्रदेश की 4 सीटें शामिल हैं. इसके चार दिन बाद 23 मई को नतीजे आएंगे.

Lok Sabha Election 2019 : किस सीट पर कब होगा मतदान

राजस्थान में 25 सीटें, 2 चरण में मतदान
29 अप्रैल : जोधपुर, टोंक-सवाईमाधोपुर, पाली, बाड़मेर, जालौर, उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा, कोटा, झालावाड़-बारां, , अजमेर,
6 मई : दौसा, नागौर, गंगानगर, बीकानेर, चुरू, झुंझुनू, सीकर, जयपुर ग्रामीण, जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली धौलपुर,

मध्यप्रदेश में 29 सीटें, चार चरण मतदान
29 अप्रैल : सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा
6 मई : टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद, बैतूल
12 मई : मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल, राजगढ़
19 मई : देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा

छत्तीसगढ़ में 11 सीटें, 3 चरण में मतदान
11 अप्रैल : बस्तर
18 अप्रैल : राजनांदगांव, महासमुंद, कांकेर
23 अप्रैल : रायपुर, सरगुजा, जांजगीर-चंपा, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग,

बिहार में 40 सीटें, 7 चरणों मतदान
11 अप्रैल : जमुई औरंगाबाद, गया, नवादा,
18 अप्रैल : बांका, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर
23 अप्रैल : खगड़िया, झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा,
29 अप्रैल : दरभंगा, उजियारपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर
6 मई : मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारन, हाजीपुर, सीतामढ़ी,
12 मई : पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, , शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सिवान, महाराजगंज, वाल्मीकिनगर
19 मई : नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकट, जहानाबाद

उत्तर प्रदेश में 80 सीटें, 7 चरणों में मतदान
11 अप्रैल : गौतमबुद्ध नगर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, सहारनपुर
18 अप्रैल : अलीगढ़, अमरोहा, बुलंदशहर, हाथरस, मथुरा, आगरा, फतेहपुर सीकरी, नगीना
23 अप्रैल : मुरादाबाद, रामपुर, संभल, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला, बरेली, पीलीभीत
29 अप्रैल : शाहजहांपुर, खेड़ी़, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, कनौज, कानपुर, अकबरपुर, जालौन, झांसी, हमीरपुर
6 मई : फिरोजाबाद, धौरहरा, सीतापुर, माेहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, बहराइच, कैसरगंज, गोंडा
12 मई : सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, प्रयागराज, अंबेडकर नगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संत कबीर नगर, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, मछलीशहर, भदोही
19 मई : महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सालेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज

झारखंड में 14 सीटें, 4 चरणों में मतदान
29 अप्रैल : चतरा, लोहारदगा, पलामू
6 मई : कोडरमा, रांची, खूंटी, हजारीबाग
12 मई : गिरीडीह, धनबाद, जमशेदपुर, सिंहभूम
19 मई : राजमहल, दुमका, गोड्डा

महाराष्ट्र में 48 सीटें, 4 चरणों में मतदान
11 अप्रैल : वर्धा, रामटेक, नागपुर, भंडारा-गोंदिया, गढ़चिरौली-चिमूर, चंद्रपुर, यवतमाल-वाशिम
18 अप्रैल : बुलढाना, अकोला, अमरावती, हिंगोली, नांदेड़, परभणी, बीड, उस्मानाबाद, लातूर, सोलापुर
23 अप्रैल : जलगांव, रावेर, जालना, औरंगाबाद, रायगढ़, पुणे, बारामती, अहमदनगर, मढ़ा, सांगली, सातारा, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, हटकानांगले
29 अप्रैल : नंदूरबार, धुले, डिंडोरी, नासिक, पालघर, भिवंडी, कल्याण, ठाणे, मुंबई, मुंबई उत्तर-पश्चिम, मुंबई उत्तर-पूर्व, मुंबई उत्तर-मध्य, मुंबई दक्षिण-मध्य, मुंबई दक्षिण, मावल, शिरूर, शिर्डी

असम में 14 सीटें, 3 चरणों में मतदान
11 अप्रैल : तेजपुर, कलियाबोर, जोरहट, डिब्रूगढ़, लखीमपुर
18 अप्रैल : करीमगंज, सिलचर, ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट, मंगलदोई और नौगांव
23 अप्रैल : धुबड़ी, कोकराझार, बारपेटा, गुवाहाटी

जम्मू-कश्मीर में 6 सीटें, 5 चरणों में मतदान
11 अप्रैल : बारामूला, जम्मू
18 अप्रैल : श्रीनगर, उधमपुर
23 अप्रैल : अनंतनाग (सिर्फ अनंतनाग जिले में वोटिंग)
29 अप्रैल : अनंतनाग (सिर्फ कुलगाम जिले में वोटिंग)
6 मई : लद्दाख, अनंतनाग (सिर्फ शोपियां जिले में वोटिंग)

कर्नाटक में 28 सीटें दो चरणों मतदान
18 अप्रैल : उदुपी-चिकमगलूर, हासन, दक्षिण कन्नड़, चित्रदुर्गा, तुमकुर, मांड्या, मैसूर, चामराजनगर, बेंगलुरु ग्रामीण, बेंगलुरु उत्तर, बेंगलुरु मध्य, बेंगलुरु दक्षिण, चिक्काबल्लापुर, कोलार
23 अप्रैल : चिक्कोडी, बेलगांव, बगलकोट, बीजापुर, गुलबर्गा, रायचूर, बीदर, कोप्पल, बेल्लारी, हावेरी, धारवाड़ा, उत्तर कन्नड़, दावणगेरे, शिमोग

ओडिशा में 21 सीटें, 4 चरणों मतदान
11 अप्रैल : कालाहांडी, नबरंगपुर, बेरहामपुर, कोरापुट
18 अप्रैल : बरगढ़, सुंदरगढ़, बोलांगीर, कंधमाल, अस्का
23 अप्रैल : संबलपुर, क्योंझर, ढेंकानाल, कटक, पुरी, भुवनेश्वर
29 अप्रैल : मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर

मणिपुर में 2 सीटों, दो चरणों मतदान
1 अप्रैल : बाहरी मणिपुर
18 अप्रैल : आंतरिक मणिपुर

त्रिपुरा में 2 सीटों में मतदान, दो चरण में मतदान
11 अप्रैल : त्रिपुरा पश्चिम
18 अप्रैल : त्रिपुरा पूर्व

बंगाल में 42 सीटें, 7 चरणों मतदान
11 अप्रैल : कूच बिहार, अलीपुरदुआर

 

Crime

आसाराम के बेटे नारायण साईं को 30 अप्रैल को सजा का ऐलान, रेप केस में हुए दोषी करार

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शुक्रवार को आसाराम बापू के बेटे नारायण सांई को सूरत की सेशंस कोर्ट ने
रेप केस में दोषी करार दिया है, 30 अप्रैल को नारायण साईं की सजा का ऐलान
होगा। सूरत की कोर्ट ने वहां रहने वाली दो बहनों के जरिए लगाए गए बलात्कार
के आरोप में और लोकेशन से मिले सबूतों के आधार पर नारायण सांई को दोषी करार
दिया है। करीब 11 साल से दोनो बाप बेटे यानी आसाराम और नारायण सांई पर ये
रेप का केस चल रहा है।
दोनों पीड़िता बहनों ने इस केस में ठोस सबूतों और लोकेशन की पहचान की है।
नारायण साईं के खिलाफ छोटी बहन ने ठोस सबूत देते हुए हर लोकेशन की पहचान की
जबकि आसाराम बापू के खिलाफ बड़ी बहन ने मामला दर्ज करवाया था। गांधीनगर के
कोर्ट में आसाराम के खिलाफ मामला चल रहा है तो वहीं 53 गवाहों का बयान
नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में बयान दर्ज किया जा चुका है। इन गवाहों में
कई अहम गवाह भी मौजूद है कुछ ऐसे है जिन्होने एक समय में नारायण साईं को
लड़कियों को अपना शिकार बनाते हुए देखा था या फिर उसकी मदद की थी, लेकिन अब
वही लोग गवाह बन गए हैं।
रेप कैस का मामला दर्ज होते ही नारायण साईं (एफआईआर) अंडरग्राउंड हो गया
था। वह पुलिस से बचकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। सूरत के पुलिस
कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग
टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी थी।
एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में नारायण साईं
हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त
नारायण साईं ने सिख व्यक्ति का भेष धर रखा था। खुद को कृष्ण का रूप बाताने
वाले नारायण साईं की गिरफ्तारी के बाद उसके कृष्ण की तरह महिलाओं के बीच
बांसुरी बजाने के कई वीडियो भी सामने आए थे।
नारायण साईं पर जेल में रहते हुए पुलिस कर्मचारी को 13 करोड़ रुपये की
रिश्वत देने का भी आरोप लगा था, लेकिन इस मामले में नारायण साईं को जमानत
तो मिल चुकी है लेकिन रेप के मामले में अभी भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

आसाराम के बेटे नारायण साईं को 30 अप्रैल को सजा का ऐलान, रेप केस में हुए
दोषी करार
शुक्रवार को आसाराम बापू के बेटे नारायण सांई को सूरत की सेशंस कोर्ट ने
रेप केस में दोषी करार दिया है, 30 अप्रैल को नारायण साईं की सजा का ऐलान
होगा। सूरत की कोर्ट ने वहां रहने वाली दो बहनों के जरिए लगाए गए बलात्कार
के आरोप में और लोकेशन से मिले सबूतों के आधार पर नारायण सांई को दोषी करार
दिया है। करीब 11 साल से दोनो बाप बेटे यानी आसाराम और नारायण सांई पर ये
रेप का केस चल रहा है।
दोनों पीड़िता बहनों ने इस केस में ठोस सबूतों और लोकेशन की पहचान की है।
नारायण साईं के खिलाफ छोटी बहन ने ठोस सबूत देते हुए हर लोकेशन की पहचान की
जबकि आसाराम बापू के खिलाफ बड़ी बहन ने मामला दर्ज करवाया था। गांधीनगर के
कोर्ट में आसाराम के खिलाफ मामला चल रहा है तो वहीं 53 गवाहों का बयान
नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में बयान दर्ज किया जा चुका है। इन गवाहों में
कई अहम गवाह भी मौजूद है कुछ ऐसे है जिन्होने एक समय में नारायण साईं को
लड़कियों को अपना शिकार बनाते हुए देखा था या फिर उसकी मदद की थी, लेकिन अब
वही लोग गवाह बन गए हैं।
रेप कैस का मामला दर्ज होते ही नारायण साईं (एफआईआर) अंडरग्राउंड हो गया
था। वह पुलिस से बचकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। सूरत के पुलिस
कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग
टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी थी।
एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में नारायण साईं
हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त
नारायण साईं ने सिख व्यक्ति का भेष धर रखा था। खुद को कृष्ण का रूप बाताने
वाले नारायण साईं की गिरफ्तारी के बाद उसके कृष्ण की तरह महिलाओं के बीच
बांसुरी बजाने के कई वीडियो भी सामने आए थे।
नारायण साईं पर जेल में रहते हुए पुलिस कर्मचारी को 13 करोड़ रुपये की
रिश्वत देने का भी आरोप लगा था, लेकिन इस मामले में नारायण साईं को जमानत
तो मिल चुकी है लेकिन रेप के मामले में अभी भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

आसाराम के बेटे नारायण साईं को 30 अप्रैल को सजा का ऐलान, रेप केस में हुए
दोषी करार
शुक्रवार को आसाराम बापू के बेटे नारायण सांई को सूरत की सेशंस कोर्ट ने
रेप केस में दोषी करार दिया है, 30 अप्रैल को नारायण साईं की सजा का ऐलान
होगा। सूरत की कोर्ट ने वहां रहने वाली दो बहनों के जरिए लगाए गए बलात्कार
के आरोप में और लोकेशन से मिले सबूतों के आधार पर नारायण सांई को दोषी करार
दिया है। करीब 11 साल से दोनो बाप बेटे यानी आसाराम और नारायण सांई पर ये
रेप का केस चल रहा है।
दोनों पीड़िता बहनों ने इस केस में ठोस सबूतों और लोकेशन की पहचान की है।
नारायण साईं के खिलाफ छोटी बहन ने ठोस सबूत देते हुए हर लोकेशन की पहचान की
जबकि आसाराम बापू के खिलाफ बड़ी बहन ने मामला दर्ज करवाया था। गांधीनगर के
कोर्ट में आसाराम के खिलाफ मामला चल रहा है तो वहीं 53 गवाहों का बयान
नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में बयान दर्ज किया जा चुका है। इन गवाहों में
कई अहम गवाह भी मौजूद है कुछ ऐसे है जिन्होने एक समय में नारायण साईं को
लड़कियों को अपना शिकार बनाते हुए देखा था या फिर उसकी मदद की थी, लेकिन अब
वही लोग गवाह बन गए हैं।
रेप कैस का मामला दर्ज होते ही नारायण साईं (एफआईआर) अंडरग्राउंड हो गया
था। वह पुलिस से बचकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। सूरत के पुलिस
कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग
टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी थी।
एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में नारायण साईं
हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त
नारायण साईं ने सिख व्यक्ति का भेष धर रखा था। खुद को कृष्ण का रूप बाताने
वाले नारायण साईं की गिरफ्तारी के बाद उसके कृष्ण की तरह महिलाओं के बीच
बांसुरी बजाने के कई वीडियो भी सामने आए थे।
नारायण साईं पर जेल में रहते हुए पुलिस कर्मचारी को 13 करोड़ रुपये की
रिश्वत देने का भी आरोप लगा था, लेकिन इस मामले में नारायण साईं को जमानत
तो मिल चुकी है लेकिन रेप के मामले में अभी भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

शुक्रवार को आसाराम बापू के बेटे नारायण सांई को सूरत की सेशंस कोर्ट ने
रेप केस में दोषी करार दिया है, 30 अप्रैल को नारायण साईं की सजा का ऐलान
होगा। सूरत की कोर्ट ने वहां रहने वाली दो बहनों के जरिए लगाए गए बलात्कार
के आरोप में और लोकेशन से मिले सबूतों के आधार पर नारायण सांई को दोषी करार
दिया है। करीब 11 साल से दोनो बाप बेटे यानी आसाराम और नारायण सांई पर ये
रेप का केस चल रहा है।
दोनों पीड़िता बहनों ने इस केस में ठोस सबूतों और लोकेशन की पहचान की है।
नारायण साईं के खिलाफ छोटी बहन ने ठोस सबूत देते हुए हर लोकेशन की पहचान की
जबकि आसाराम बापू के खिलाफ बड़ी बहन ने मामला दर्ज करवाया था। गांधीनगर के
कोर्ट में आसाराम के खिलाफ मामला चल रहा है तो वहीं 53 गवाहों का बयान
नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में बयान दर्ज किया जा चुका है। इन गवाहों में
कई अहम गवाह भी मौजूद है कुछ ऐसे है जिन्होने एक समय में नारायण साईं को
लड़कियों को अपना शिकार बनाते हुए देखा था या फिर उसकी मदद की थी, लेकिन अब
वही लोग गवाह बन गए हैं।
रेप कैस का मामला दर्ज होते ही नारायण साईं (एफआईआर) अंडरग्राउंड हो गया
था। वह पुलिस से बचकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। सूरत के पुलिस
कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग
टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी थी।
एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में नारायण साईं
हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त
नारायण साईं ने सिख व्यक्ति का भेष धर रखा था। खुद को कृष्ण का रूप बाताने
वाले नारायण साईं की गिरफ्तारी के बाद उसके कृष्ण की तरह महिलाओं के बीच
बांसुरी बजाने के कई वीडियो भी सामने आए थे।
नारायण साईं पर जेल में रहते हुए पुलिस कर्मचारी को 13 करोड़ रुपये की
रिश्वत देने का भी आरोप लगा था, लेकिन इस मामले में नारायण साईं को जमानत
तो मिल चुकी है लेकिन रेप के मामले में अभी भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

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Election

पीएम मोदी ने महिला प्रस्ताव के पैर छू वाराणसी से किया नामांकन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी सीट से अपना नामांकन कर दिया है।
वाराणसी से नामांकन के दौरान नरेंद्र मोदी ने अपने चार प्रस्तावकों में से
एक अन्नपूर्णा शुक्ला के पैर भी छुए। यह बात खबरो में है कि अन्नपूर्णा
शुक्ला, मदन मोहन मालवीय के परिवार से ताल्लुक रखती हैं। मोदी के
प्रस्तावकों में मोदी के चौकिदार से लेकर डोमराजा  के परिवार का एक सदस्य
भी शामिल है। पीएम मोदी वाराणसी की इस सीट से दूसरी बार मैदान में उतरे हैं
दूसरी बार उतरे हैं इससे पहले 2014 में वाराणसी में बीजेपी की ही सरकार थी।
https://twitter.com/BJP4India/status/1121665935360684040

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पीएम मोदा दोपहर 11.30 बजे वाराणसी के कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपना नामांकन
दाखिल किया। वाराणसी के कलेक्ट्रेट पहुंचते ही उन्होने सबसे पहले एनडीए के
नेताओं का स्वागत किया, कुछ देर अपना समय उनके साथ व्यतीत कर पीएम मोदी
नामांकन हाल पहुंचे और वहां मौजूद सभी प्रस्तावकों का उन्होने अभिनंनदन
किया और वहां पर मौजूद सबसे बुजुर्ग महिला अन्नपूर्णा शुक्ला के पीएम मोदी
ने पैर छुकर आशिर्वाद लिया।
डोम राजा जगदीश चौधरी भी प्रस्तावकों में शामिल हैं। पीढ़ियों से डोम राजा
जगदीश चौधरी मणिकर्णिका घाट पर शवों का दाह संस्कार  करता आ रहा है।
मणिकर्णिका घाट पर रहने वाले जगदीश वाराणसी में दाह संस्कार करने वालों में
प्रमुख हैं।

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Election

मुस्लिम मोहल्ले में PM मोदी को मिला शॉल, गले में लपेट बनारस रोड शो को बढ़ाया आगे

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गुरूवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी पहुंच रोड शो कर अपनी पार्टी
की शक्ति का प्रदर्शन किया जहां लोगो के लिए उनका प्यार जमकर बरसा
प्रधानमंत्री मोदी पर काशी के लोगो का ये प्यार सबसे अनोखा है लेकिन पीएम
के लिए ये प्यार कुछ नया नही है। काशी जो कि बाबा विश्वनाथ की नगरी भी
कहलाती है हमेशा से हि उन पर दिल खोलकर अपना प्यार और आशिर्वाद बरसाया है।
काशी की सड़को पर आपार जनसैलाब उमड़ा और बाबा विश्वनाथ की नगरी भगवामय हो
गई और जब पीएम का रोड शो मुस्लिम बहुल इलाके सोनारपुर से होकर गुजर रही थी
तो वहां पर रोड़ शो के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने पीएम मोदी को शॉल भेंट
करने की कोशिश की इस दौरान रोड़ शो में दिल लुभाने वाली बात यह रही की पीएम
मोदी ने अपना रोड़ शो रोककर शॉल लिया और उसे ओढ़ लिया और इसी बात पर वहां
मौजूद भीड़ वहां पर खुशी से झूम उठी।

https://twitter.com/sachinsingh1010/status/1121417388308586497
पीएम का रोड शो बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से निकलकर दशाश्वमेध घाट तक
पहुंचा जिसके बाद पीएम मोदी ने वहां गंगा आरती में हिस्सा लिया। आरती के
बाद पीएम ने वहां जनसभा को संबोधित किया। जनता को संबोधित करते हुए उन्होने
अपने भाषण में कहा कि समर्थ भारत के लिए, संपन्न भारत के लिए, सुखी भारत के
लिए विकास के साथ-साथ सुरक्षा जरूरी है और हमारे कदम एक ऐसी दिशा की तरफ
बढ़ रहे हैं जहां विज्ञान भी हो, आध्यात्मिकता भी हो, प्रतिभा भी हो,
पर्यटन भी हो, खान-पान हो तो खेलकूद भी हो, आधुनिकता हो लेकिन बिना
पश्चिमीकरण के।
पीएम का रोड शो काशी में अपने व्यक्तिव का चमत्कार दिखाने के लिए नही था
बल्कि पूर्वांचल के चुनाव में भी चमत्कार रचने के लिए था यह चमत्कार की
रचना कुछ इस प्रकार है जो बीजेपी को दूसरी बार सत्ता तक पहुंचाने का एक
जरूरी रास्ता है। पीएम मोदी के लिए काशी क्षेत्र एक चुनाव भर क्षेत्र नही
है बल्कि राजनीति के लिए एक ऐसी प्रयोगशाला है जिससे बीजेपी के लिए
चमत्कारिक परिणाम निकले है।
पिछले लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी की झोली में उत्तर प्रदेश और बिहार की
120 सीटों में से 104 सिटों को डालने वाला दांव बनारस ही था, नरेंद्र मोदी
अच्छी तरह समझते हैं कि कुर्तेके रंग से भी राजनीति कैसे बदली जाती है। वो
अच्छी तरह समझते हैं कि रोड शो के रास्ते से कैसे धर्म के मुहावरे बदले
जाते हैं और गंगा आरती से कैसे गेरुआ राजनीति की चाल बदल देनी है।
ऐसे समय में जब बड़े-बड़े नेता अपनी-अपनी सीटों पर अपने आत्मविश्वास का वजन
तौल रहे हैं, तो वहीं मोदी का आत्मविश्वास सबसे ज्यादा है। बनारस मोदी के
लिए सिर्फ शहर नहीं है, बल्कि उनकी सियासत का सबसे बड़ा संदेश है। मोदी जब
पहली बार बनारस आए थे, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वो काशी को विरोधियों
के लिए कयामत में बदल देंगे। मायावती को अंदाजा नहीं था कि मोदी उनके पैरों
के नीचे से जमीन तक खींच लेंगे और शून्य पर समेट देंगे।

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