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अपने ही टीम के खिलाड़ी को हराकर देश को दिखानी है वर्ल्ड कप की जीत

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1. दिनेश कार्तिक:- अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ
वनडे टीम में शामिल नहीं किया था और उनकी जगह ऋषभ पंत को दी थी और कहा गया
था कि महैंन्द्र सिंह धोनी के अलावा विकेटकीपर के लिए वह दूसरे विकल्प
होंगे लेकिन मैदान वह पूरी तरह फ्लाप हो गए। धोनी को आराम देने के बाद ऋषभ
को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में खेलने का मौका दिया गया। लेकिन उनको दिए
इस मौके का वह फायदा नहीं उठा पाए, वह ना तो विकेट के पिछे गेंद को पकड़
पाए और न ही बल्लेबाज की क्रीज से बाहर जाने के बाद गेंदो को ठीक से पकड़
रोक पाए। 5 वनडे की 4 पारियों में ऋषभ ने 23.25 की औसत से कुल 93 रन बनाए।
वनडे के इन 5 मैचों में वह अपना बेहतरीन स्कोर केवल 36 रन तक बना पाए।
ऐसेमें दिनेश अपने टीम के खिलाड़ी ऋषभ की इस परफॉरमेंस का फायदा उठा सकते
हैं। अगर कार्तिक आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन करते दिखे तो उन्हे वर्ल्ड
कप में शामिल किए जा सकते हैं। कार्तिक को पंत के मुकाबले ज्यादा बेहतरीन
खिलाड़ी और फिनिश्र माना जाता है।

2. क्रुणाल पंड्या : वर्ल्ड कप में शामिल होने का क्रुणाल के पास एक सुनहरा
मौका होगा, क्रुणाल आभी हुए टी-20 का हिस्सा भी रहे हैं। पंड्या को रवींद्र
जडेजा की खराब फॉर्म का फायदा मिल सकता है। लेफ्ट आर्म स्पिन बेहतर
गेंदबाजी में जडेजा के मुकाबले क्रुणाल पांड्य की मानी जाती है अगर आईपीएल
में क्रुणाल पांड्य अपनी अच्छई पकड़ बनाए रहे तो वर्ल्ड कर में दोनों
पांड्या भाई एक साथ खेलते नजर आ सकते हैं।

3. अजिंक्य रहाणे :- वर्ल्ड कप में अजिंक्य रहाणे के पास भी नंबर 4 रायडू
के फ्लॉप शो के बाद एक सुनहरा मैका होगा। रहाणे नंबर 4 के बेहतर विकल्प हो
सकते हैं इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर नंबर 3 पर बल्लेबाजी कर सकते है ताकि
वो ओपनरस को जल्द आउट कर सकें जिससे विराट कोहली को नई गेंद के सामने क्रीज
पर नहीं उतरना पड़ेगा। रहाणे जैसे बल्लेबाज का होना भारतीय टीम के लिए बहुत
जरूरी है इससे पहले वे 2015 के वर्ल्ड कप में भी नंबर 4 पर आजमाए गए थे।

4. पृथ्वी शॉ :- राहुल की नाकामी का फायदा पृथ्वी शॉ को मिल सकता है
क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ राहुल का कुछ खास प्रदर्शन नहीं दिखाई दिया
और ऐसे में अगर पृथ्वी अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो ना केवल उनकी जगह ले
पांएगे बल्कि वर्ल्ड कप अपनी जगह भी बना पाएंगे। पृथ्वी
शॉ की बल्लेबाजी कई दिग्गजों को पृथ्वी शॉ में वीरेंद्र सहवाग की झलक देखने
को मिली।

5. खलील अहमद :- जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार ही वर्ल्ड
कप के लिए चयनकर्ताओं की पहली पसंद होंगे। लेकिन चौथे तेज गेंदबाज को लेकर
अभी कुछ साफ नहीं हुआ। इस बार खलील अहमद के पास खुद को साबित करने का मौका
है क्योंकि उमेश यादव कुछ कमाल नहीं दिखा सके हैं। अहमद बांए हाथ के
गेंदबाज है जिससे टीम इंडिया को वर्ल्ड कप में एक अलग तरह का गेंदबाज मिल
सकता है।

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दानिश कनेरिया ने कहा- मुझे हिंदी और पाकिस्तानी होने पर गर्व है, निशाना बनाया गया मुझे लेकिन कभी धर्म परिवर्तन के बारे में नहीं सोचा

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स्पॉट फिक्सिंग मामले में बैन चल रहे कनेरिया ने कहा कि जब वो खेला करते थे तब कुछ खिलाड़ी थे जो हिंदू होने के कारण उन्हें निशाना बनाते थे, लेकिन उन्होंने कभी धर्म बदलने की जरूरत या दबाव महसूस नहीं किया।

पाकिस्तान के हिंदू क्रिकेटर दानिश कनेरिया इन दिनों काफी चर्चा में हैं। स्पॉट फिक्सिंग मामले में बैन चल रहे इस क्रिकेटर ने शुक्रवार को कहा कि जब वो खेला करते थे तब कुछ खिलाड़ी थे जो हिंदू होने के कारण उन्हें निशाना बनाते थे, लेकिन उन्होंने कभी धर्म बदलने की जरूरत या दबाव महसूस नहीं किया। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें हिंदू और पाकिस्तानी दोनों होने पर गर्व है। स्पॉट फिक्सिंग को लेकर कनेरिया पर लाइफ टाइम बैन लगाया जा चुका है। कनेरिया शोएब अख्तर के उस बयान के बाद चर्चा में आए हैं, जिसमें इस तेज गेंदबाज ने आरोप लगाया था कि कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी धर्म के कारण कनेरिया के साथ खाना खाने से भी इनकार कर देते थे।

‘हिंदू और पाकिस्तानी होने पर मुझे गर्व’

कनेरिया ने शुक्रवार को ‘समां’ चैनल से कहा कि कुछ खिलाड़ी पीठ पीछे उनको लेकर टिप्पणियां करते थे। उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी इसे मुद्दा नहीं बनाया। मैंने केवल उन्हें नजरअंदाज किया क्योंकि मैं क्रिकेट पर और पाकिस्तान को जीत दिलाने पर ध्यान लगाना चाहता था।’ कनेरिया ने कहा, ‘मुझे हिंदू और पाकिस्तानी होने पर गर्व है। मैं ये साफ करना चाहता हूं कि पाकिस्तान में हमारे क्रिकेट समुदाय को निगेटिव तरीके से पेश करने की कोशिश न करें क्योंकि बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्होंने मेरा पक्ष लिया और मेरे धर्म के बावजूद मुझे सपोर्ट किया।’ कनेरिया से जब पूर्व बल्लेबाज यूसुफ योहाना (बाद में मोहम्मद यूसुफ) के बारे में पूछा गया जो ईसाई थे लेकिन बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया था, उन्होंने कहा कि वो किसी की निजी पसंद पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं।

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‘इंजमाम ने हमेशा मुझे सपोर्ट किया’

उन्होंने कहा, ‘मोहम्मद यूसुफ ने जो किया ये उनका निजी फैसला था, मुझे कभी धर्म परिवर्तन की जरूरत महसूस नहीं हुई क्योंकि मेरी इसमें आस्था है और कभी मुझ पर दबाव भी नहीं बनाया गया।’ कनेरिया ने अख्तर की टिप्पणी आने के बाद भेदभाव की बात स्वीकार की थी और कहा था कि वो नामों का खुलासा करेंगे लेकिन अब उन्होंने नरम रवैया अपनाया। उन्होंने कहा, ‘शोएब भाई ने जो कहा, उन्होंने उसे सुना होगा या किसी ने उन्हें बताया होगा लेकिन मैंने टॉप लेवल पर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया है और मुझे उस पर गर्व है। जब मैं क्रिकेट में आया तो मैं शुरू से ही टॉप लेवल पर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना चाहता था और मैंने ऐसा किया।’ अपने करियर में 61 टेस्ट खेलने वाले इस लेग स्पिनर ने स्पष्ट किया कि पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने हमेशा उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘इंजमाम ने मुझे मैच विनर कहा था। मैं कह सकता हूं कि कई संस्थानों ने मेरे करियर को संवारने में मेरी मदद की। मैंने इंजमाम को सही साबित करने के लिए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। सच्चाई ये है कि मुझे पाकिस्तानी होने पर गर्व है।’

‘इस मसले पर राजनीति नहीं करें’

कनेरिया से जब उन खिलाड़ियों के नाम बताने के लिये कहा गया जिन्होंने उन्हें निशाना बनाया, तो उन्होंने कहा कि वह अपने यूट्यूब चैनल पर बाद में इन नामों का खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘ये उसके लिए सही वक्त नहीं है। मैं अपने चैनल पर इस संबंध में बात करूंगा।’ कनेरिया से जब उस घटना के बारे में बताने के लिए कहा गया जब खिलाड़ियों ने उनके साथ खाने से इनकार कर दिया था, उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान मेरी जन्मभूमि है और कुछ खिलाड़ियों के व्यवहार के कारण किसी को इस मसले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। मैं सभी से आग्रह करूंगा कि इसे गलत दिशा नहीं दें।

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IPL: अब होगा चेन्नई से मुकाबला तब तक आराम पर मुंबई के खिलाड़ी

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IPL के 12 संस्करण के अंतिम चरण पर अपना 100 प्रतिशत देने के लिए मुंबई
इंडियंस ने अपने खिलाड़ियों को ब्रेक दिया है, ताकि वे  अपने परिवार के साथ
अपना समय ता अच्छे से आराम करें। तीन बार की चैम्पियन मुंबई ने टीम अब तक
10 में से 6 मैचों की जीत हासिल कर चेन्नई सुपर किंग्स के बाद दूसरे स्थान
प्राप्त कर लिया है।
कप्तान विराट कोहली ने हमेशा अपने खिलाडियों को समझदारी से वर्कलोड से
समझदारी से मैनेज करने की प्रेरणा देकर उन्हे अपना वर्कलोड मैनेज करने को
कहा क्योंकि आईपीएल के तुरंत बाद ही विश्व कप भी शुरू होगा। मुंबई की टीम
में शामिल रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह वर्ल्ड कप-2019
में जोर आजमाइश करते नजर आएंगे।

https://twitter.com/mipaltan/status/1120224781301841921
टीम के करीबी सूत्रों के अनुसार टीम को कहा गया कि टीम को एक ही हिदायत दी
गई है कि जो भी करो बल्ले और गेंद से दूर रहो और टीम ही हमारी प्राथमिकता
है। मुंबई का अगला मैच 26 अप्रैल को चेन्नई के साथ है तब तक चार दिन टीम के
खिलाड़ीयों को शांति के ब्रेक मिलना चाहिए जिसमे वह आराम कर सकें।
जब यह पूछा गया कि क्या यह कदम भारतीय खिलाड़ियों को विश्व कप के लिए
तरोताजा रखने के लिया गया है? इस पर सूत्रो ने कहा कि हमारे पास सिर्फ
रोहित, बुमराह या हार्दिक ही नहीं बल्कि क्विंटन डि कॉक, लसिथ मलिंगा और
अन्य खिलाड़ी भी हैं, जो अपने देश के लिए विश्व कप में खेल रहे हैं। हम
उनके वर्कलोड को इस तरह से मैनेज करना चाहते हैं कि जब वे विश्व कप में
खेलें तो अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाएं। ज्यादातर विदेशी खिलाड़ी सीधे चेन्नई
गए हैं और वहां अपने परिवारों के साथ आनंद ले रहे हैं, जबकि भारतीय खिलाड़ी
अपने घर गए है।

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टीम इंडिया के क्रिकेटर अंबित रायडू ने वर्ल्ड कप की टीम में नहीं चुने जाने पर तोड़ी चुप्पी

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2109 के क्रिकेट के महाकुंभ वर्ल्ड कप पर टीम डंडिया ने अपनी टीम के लिए खिलाडियों को चुन लिया है जिसमें अंबित रायडू का नाम शामिल नही है इस पर अंबित रायडू ने निराशा भी जताई। कुछ समय पहले तक कप्तान विराट कोहली द्वारा रायडू को नंबर-4 के लिए समर्थन प्राप्त था, लेकिन टीम के 15 खिलाड़ियों में अपना नाम नहीं पाने पर रायडू को निराशा हुई, जिसकी भड़ास उन्होने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट कर तंज कसते हुए निकाली है।
विश्व कप के मैच देखने के लिए अबिंत रायडू ने ‘थ्री डी चश्मे का आर्डर’ दे दिया क्योंकि इस महासमर के मद्देनजर चुनी गई भारतीय टीम में विजय शंकर ने ‘तीनों विभागों में काबिलियत’ के बूते उन्हें पीछे छोड़ दिया। रायडू ने ट्विटर पर जीभ बाहर निकली हुई इमोजी ट्वीट करते हुए लिखा है, “विश्व कप देखने के लिए मैंने अभी थ्री डी चश्मे का ऑर्डर दिया है।”
कप्तान विराट कोहली ने कुछ महीने पहले ही रायडू का नाम चौथे स्थान के लिए अहम बताया था, लेकिन टीम के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने रायडू के स्थान पर हरफनमौला खिलाड़ी विजय शंकर को उनकी जगह दी। उन्होंने इस चयन को सही ठहराते हुए कहा, ‘हमने रायडू को कुछ मौके दिए लेकिन विजय शंकर ‘थ्री डाइमेंशन’ प्रदर्शन करता है। अगर मौसम थोड़ा खराब है तो वह बल्लेबाजी कर सकता है, वह गेंदबाजी कर सकता है और वह एक क्षेत्ररक्षक है। वह विजय शंकर को चौथे नंबर के लिए ले रहे हैं।’

भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भी रायडू के न चुने जाने पर हैरानी जताई। गौतम गंभीर का मानना है कि 2019 के वर्ल्ड कप के लिए कुछ नए चेहरे शामिल करने चाहिए थे ताकि विपक्षी पार्टी नए खिलाडियों को देख चौंक जाए। गंभीर ने कहा कि मुख्य चयनकर्ता एम.एस.के. प्रसाद को युवाओं पर विश्वास जताना चाहिए था और उनका समर्थन करना चाहिए था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर चयनकर्ता समझते हैं कि यह सबसे अच्छी टीम है तो अन्य लोगों को भी चयनकर्ता का समर्थन करना चाहिए।
साल 2011 में विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य गंभीर ने कहा, “मुझे नहीं पता, यह अंतत: एमएसके (प्रसाद) की बात है, यह उन लोगों की नहीं है जिनके पास अनुभव है। यह आपके ऊपर है कि आपको क्या सही लगता है और यह अनुभव के साथ नहीं आता है बल्कि यह विश्वास के साथ आता है।”
उन्होंने कहा, “यदि आपका विश्वास मजबूत है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने 100 टेस्ट मैच खेले हैं या  एक भी टेस्ट नहीं खेला है। यह आपका विश्वास और आत्मविश्वास है, जो किसी भी चीज से ज्यादा मायने रखता है।”
गंभीर ने कहा, “अंत में, हम सभी यही चाहते हैं कि भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करे और विश्व कप जीतने की कोशिश करे। अगर उन्हें लगता है कि यह 15 ही सर्वश्रेष्ठ हैं तो हमें उनका समर्थन करना होगा।”
यह पूछे जाने पर कि क्या ऋषभ पंत की जगह दिनेश कार्तिक को चुना जाना अनुचित है, गंभीर ने कहा कि वह अंबति रायडू के लिए भी इतने ही निराश हैं। पंत के पक्ष में तो अभी उम्र है लेकिन रायडू के लिए तो वह भी नहीं है।
उन्होंने कहा, “केवल एक ही खिलाड़ी के बारे में क्यों बात करें? यहां रायडू भी हैं जो टीम में जगह बनाने से चूक गए। वनडे मैचों में उनका (रायडू का) 48 का औसत है। केवल पंत पर ही ध्यान क्यों? मुझे लगता है कि यह रायडू जैसे खिलाड़ी के लिए कहीं अधिक निराशाजनक है क्योंकि पंत की अभी उम्र है।”
मौजूदा टीम के बारे में गंभीर ने कहा कि इस बार की गेंदबाजी 2011 की विश्व कप जीतने वाली गेंदबाजी से बेहतर है। उन्होंने कहा, “हमारे पास धोनी का अनुभव है, जो अपना चौथा विश्व कप खेल रहे हैं। इसके अलावा हार्दिक पांड्या भी हैं, जिनका एक्स-फैक्टर है. इस बार हमारे पास 2011 से कहीं बेहतर गेंदबाजी आक्रमण है।”
गंभीर ने कहा, “हमारे पास जसप्रीत बुमराह हैं, जो मौजूदा दौर में सीमित ओवरों के क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं। मुझे लगता है कि यही कारण है कि इस बार हमारे पास 2011 तुलना में कहीं अधिक बेहतर गेंदबाजी आक्रमण है। अब यह बल्लेबाजों के ऊपर है कि वे स्कोरबोर्ड पर रन लगाएं।”
बता दें कि रायडू ने भारत के लिए 55 वनडे खेले हैं जिसमें 47.05 की औसत से रन बनाए. बीते कुछ मैचों में हालांकि वह फॉर्म में नहीं चल रहे थे और इसी कारण वह विश्व कप का टिकट गंवा बैठे।

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