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Hindi

Aam Admi Party starts a campaign for upcoming Lok Sabha elections

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With full statehood as its primary theme, the current ruling Aam Admi Party started its huge campaign for the Lok Sabha polls, to be held on May 12, by staging a major protest near the Bartya Janta Party headquarters in Delhi over the controversial issue this Sunday.

Party convoker Gopal Rai said that the Lok Sabha election will decide the fate of the country and also of Delhi, which was badly hurt during the “dictatorship” of the BJP-led exemption at the Centre.

Before the airstrikes on terrorist camps in Balakot in Pakistan, chief minister Arvind Kejriwal had even frightened to go on an indefinite hunger strike to press for his demand for giving permission of full statehood to Delhi. But in the aftermath of the air strikes, Mr Kejriwal had postponed his hunger strike.

On Sunday, a large number of AAP volunteers and its anterior organizations protested near BJP headquarters on the Deen Dayal Upadhyaya Marg, asking the party to clear its stand on full statehood to Delhi.

The party will stage a similar protest outside Congress headquarters on Akbar Road on the issue today.

Mr Gopal Rai said, “The people of Delhi are eagerly awaiting the announcement of the Lok Sabha election dates, it will give them relief from the “autocracy” of the Modi government and its policies.”

Mr Rai said: “Full statehood is the only way to end the autocracy of the Centre. It is the central theme of AAP’s mega election campaign because we feel it is the only way to speed up development work in Delhi.”

The party has designed a three-tier campaign in the first phase of which 1,000 teams will go door-to-door, covering seven Lok Sabha constituencies divided into 560 zones.

Election

लोकसभा चुनाव में गठबंधन पर गोल-मोल, ये कांग्रेस का कन्फ्यूजन है या कॉन्फिडेंस?

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भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्षी दल बार-बार एक मंच पर आने के बावजूद
मैदान-ए जंग में अलग-अलग खड़े नजर आ रहे हैं। मोदी सरकार पर तानाशाही और
लोकतंत्र खत्म करने के आरोप लगाने वाली विपक्षी पार्टी कांग्रेस कुछ महीनों
से सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने के प्रयास कर रही थी। आज उसी को
महागठबंधन की परिधि से बाहर किया जा रहा है या फिर क्षेत्रीय दल उसे अपनी
शर्तों पर साथ रख रहे हैं। इसका नतीजा ये हुआ है कि यूपी, हरियाणा, पंजाब,
पश्चिम बंगाल और दिल्ली जैसे अहम राज्यों में कांग्रेस अकेले पड़ गई है,
जबकि बिहार में आरजेडी कांग्रेस को उसकी मांग के मुताबिक सीट न देकर उसको
उसकी लिमिट का एहसास करा रही है। इस सियासी खिचड़ी के बीच अब कुछ दल
कांग्रेस को कन्फ्यूज भी बताने लगे हैं।
सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटों वाले यूपी में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज
पार्टी ने गठबंधन से कांग्रेस को आउट कर कांग्रेस को पहले ही बड़ा झटका दे
दिया था, जिसके बाद कांग्रेस द्वारा सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन के लिए सात
सीटें छोड़ने के ऐलान पर 18 मार्च को बसपा सुप्रीमो मायावती ने ये कह दिया
कि कांग्रेस भ्रम न फैलाए। मायावती ने सख्त अंदाज में कांग्रेस को बताते
हुए साफ किया कि कांग्रेस से उनका न तो कोई गठबंधन है और न ही कोई तालमेल
है। मायावती के इस रुख का समर्थन करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी
कांग्रेस को नसीहत देने में देर नहीं लगाई और कह दिया कि सपा-बसपा और
आरएलडी का गठबंधन बीजेपी को हराने में सक्षम है, इसलिए कांग्रेस कोई
कन्फ्यूजन न पैदा करे। अब दिल्ली से भी ऐसी ही आवाजें आने लगी हैं।
राजधानी दिल्ली में भी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन की लंबे समय
से चर्चा चल रही है। अब बात यहां तक पहुंच गई है कि दिल्ली कांग्रेस और
केंद्रीय नेतृत्व के नेता आमने-सामने आ गए हैं। दिल्ली के प्रभारी पीसी
चाको जहां गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष
शीला दीक्षित इसके खिलाफ खड़ी नजर आ रही हैं। आप नेता और राज्यसभा सांसद
संजय सिंह ने भी मायावती और अखिलेश की तरह ही कांग्रेस को कन्फ्यूज बता
दिया है। उन्होंने कहा है कि जो लोग संविधान के लिए खतरा हैं, उनसे लड़ने
के लिए स्थिति बिल्कुल स्पष्ट रखनी पड़ेगी। संजय सिंह के सहयोगी और आम आदमी
पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय ने तो यहां तक दिया है कि अब
कांग्रेस से गठबंधन नहीं होगा क्योंकि बहुत देर चुकी है। ठीक ऐसी ही
चेतावनी लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल ने कांग्रेस को बिहार में
दी है।
बिहार में एनडीए ने सीट बंटवारा फाइनल कर लिया है, जबकि महागठबंधन में अभी
कुछ तय ही नहीं हो पा रहा है।अब बात यहां तक पहुंच गई है कि आरजेडी ने
कांग्रेस को अकेले चुनाव लड़ने की चेतावनी दे दी है। दरअसल, 40 लोकसभा
सीटों वाले बिहार में कांग्रेस 11 सीटें मांग रही है, जबकि आरजेडी 8 से
ज्यादा सीटें देने के मूड में किसी भी हालत में नहीं है।
यानी मौजूदा हालात ये हैं कि फ्रंट फुट पर खेलने का दंभ भरने वाली कांग्रेस
चुनाव नजदीक आते-आते दिल्ली, बिहार, हरियाणा, पंजाब और यूपी में अलग-थलग
पड़ गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी कांग्रेस को आगाह
कर दिया है कि वह सिर्फ जम्मू क्षेत्र में ही गठबंधन पर विचार करे, कश्मीर
जोन की तीनों सीटों पर उनके ही उम्मीदवार लड़ेंगे. पश्चिम बंगाल में टीएमसी
अपने दम पर लड़ रही है और तमाम प्रयासों के बाद भी कांग्रेस व लेफ्ट का
गठबंधन भी आखिरकार नहीं हो सका है।
इस लिहाज से कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश में मोदी सरकार के खिलाफ
महागठबंधन का जो अभियान कांग्रेस लेकर चली थी, उसमें चुनाव आते-आते उसके
साथ डीएमके, जेडीएस और एनसीपी के अलावा कोई भी प्रमुख दल स्पष्ट तौर पर
खड़ा नजर नहीं आ रहा है। अब ये उसका कन्फ्यूजन है या राष्ट्रीय दल होने के
नेता अपने दम पर ज्यादा से ज्याद सीटें जीतकर गैर-एनडीए दलों को लीड करने
का कॉन्फिडेंस ये तस्वीर तो चुनाव नतीजों के बाद ही साफ हो पाएगी.

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Fraud

लंदन में नीरव मोदी को मिला गिरफ्तारी का वारंट, सवाल पूछने पर कहा नो कमेंट

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हीरो का कारोबारी नीरव मोदी भारत के पंजाब नेशल बैंक सै करीब 13 हजाह करोड
रूपये लेकर फरार हो गया था लेकिन अब जब पता चला की नीरव मोदी लंदन में अपनी
जिंदगी जी रहा है लकिन अब उसके खिलाफ लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने
गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। निरव मोदी की लंदन में गिरफ्तारी तय मानी
जा चूकी है। नीरव मोदी वारंट जारी होने के बाद भी लंदन की सड़कों पर बेखौफ
घूमता दिखाई दिया।
नीरव मोदी को टोटेनहम कोर्ट स्टेशन से ऑक्सफोर्ड सर्कस रोड तक बेखौफ घूमता
देखा गया। उससे जब पूछा गया कि आपके पास कहां का पासपोर्ट-वीजा है, क्या
आपने यहां कोई नया बिजनेस शुरू किया है? वेस्ट मिंस्टर कोर्ट से गिरफ्तारी
वारंट जारी होने के सवाल पर उसने कहा- नो कमेंट।
नीरव मोदी ने तमाम सवालों में से किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। रिपोर्टर
ने नीरव से सवाल करते हुए कहा आप यहां छिपकर रह रहें हैं जो की गलत है क्या
आप भारत वापस जाने का विचार कर रहें हैं तो नीरव मौदी रिपोर्टर पर भड़क गया
और कहा कि आप मुझे घूर रहीं हैं।
कोर्ट में नीरव मोदी जमानत की अपील कर सकते हैं जैसे की विजय माल्या के केस
में हुआ था। उसके बाद नीरव के प्रत्यर्पण की सुनवाई शुरू हो सकती है। इस
पूरी प्रक्रिया में महीने से साल तक भी लग सकते हैं। लेकिन अब एक बात तो तय
है कि वह छिप नहीं सकता।
जल्द ही लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस नीरव मोदी को गिरफ्तार कर सकती है। कुछ
दिन पहले ही उसके खिलाफ वारंट जारी किया गया है भारत को इस बात की जानकारी
सोमवार को दी गई।
ब्रिटेन की अदालत और स्कॉटलैंड यार्ड ने कहा कि वे वारंट की पुष्टि या उससे
इनकार तब तक नहीं कर सकते जब तक गिरफ्तारी हो न जाए और आरोपी को औपचारिक
तौर पर आरोपित नहीं कर दिया जाए।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि हम गिरफ्तारी होने तक कोई
टिप्पणी इसलिए नहीं करते क्योंकि कुछ भी स्थापित होने से पहले व्यक्ति को
आरोपित किया जाना होता है।
वारंट जारी होने की खबरों के बाद अब नीरव मोदी के पास विकल्प है कि या तो
वह किसी पुलिस थाने में सरेंडर कर दे या फिर वारंट को तामील कराने के लिए
जिम्मेदार मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारी उसे गिरफ्तार करेंगे। अगर नीरव को
गिरफ्तार किया जाता है तो उसे लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत
में पेश किया जाएगा और औपचारिक तौर पर उसे आरोपित किया जाएगा। इसके बाद वह
जमानत की अपील कर सकता है।
ब्रिटेन के अखबार की एक खबर के अनुसार नीरव मोदी लंदन के वेस्ट एंड में 80
लाख पाउंड के आलीशान घर में रह रहा है। उसने वहां भी हीरे का कारोबार शुरू
कर दिया है। अखबार की ओर से जारी एक वीडियो में नीरव को लंदन की सड़कों पर
घूमते हुए दिखाया गया था।

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Hindi

#Manohar Parikar #सादगी से जीवन जीने वाला नेता मनोहर पर्रिकर पंचत्तव मे हुए विलीन#life

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