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शायद वो भी डरती हैं

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आप सभी ने brothels तो सुने ही होंगे?

एक ऐसी जगह जहाँ पैसों की सरपरस्ती देख जिस्म के साथ आबरू का भी सौदा हो जाता है। एक ऐसी जगह जहाँ कुछ खरीदने से पहले, दिन में कई दफा खुदको बेचना पड़ता है। या एक ऐसी जगह भी जहाँ आँखों के ख्वाब बंद दरवाज़े के पीछे आँसू बन कर निकल जाते हैं।

वो शाम थोड़ी थम चुकी थी। न जाने क्यूं पर एक अजीब सी आजमाइश नजर आ रही थी। फिर क्या था,

मैं और मेरे दोस्त निकल पड़े इन्हीं आजमाइश की राह पर, जहां रास्ता कठिन मगर रोमांचक था। उस वक़्त में आगरा रहा करता था। वहां एक बाज़ार वेश्यावृत्ति के लिए ज्यादा नामी हुआ करता था। फिर क्या था, सवारी पहुंच पड़ी उन्हीं छोटी गलियों में जहां कुछ बड़ा अगर होता था तो वो सिर्फ किसी लड़की का इन brothel’s से भाग जाना।

पहले हम थोड़े शहमे हुए थे कि अगर घर पता चला तो क्या होगा, लोग क्या सोचेंगे वगैरा वगैरा। मगर एक सोच उधर भी थी जिनका जवाब उन छोटी गलियों के वो छोटे छोटे दरवाज़े दे सकते थे जिनके पीछे बड़े बड़े सपने कुंडी लगते ही खत्म हो जाते हैं।

आखिरकार मंज़िल पर मुसाफिर पहुंच ही गए। लेकिन ये मंज़िल तो सोच से कुछ अलग ही थी। एक रोड जहां वाहनों की लगातार आवाजाही, मुंबई की चौल जैसे घर और उन घर के दरवाजों से आती अवाज़।



मैं वहां सोच रहा था कि क्या वास्तव में समाज की सोच और स्वीकारता का स्तर इतना बढ़ चुका की लोगों को यह सब आम लगने लगा है ? और अगर ऐसा है तो धर्म के नाम पर जब यही लोग सड़कों पर होते हैं तब यह सोच कहां होती हैं?

बरहाल, इन सवालों ने मुझे अब और भी परेशान कर दिया था, तो मैं भी इसी बाज़ार में लोगों से बात करने लगा, खासकर वो लोग जिनके लिए यह दृश्य दैनिक क्रियाओं का हिस्सा बन चुका था। मुझे कई लोग मिले जिन्होंने मुझसे बात की और कईयों ने मुझे दुत्कारा भी।

उन्हीं बालकनी के नीचे एक दादी कि चाय की टपरी थी, मैंने उनसे पूछा कि आप खुद एक महिला हैं क्या आपको यह सब अजीब नहीं लगता ?

वो बूढ़ी औरत ने पहले मेरी बात को हसकर टाल दिया। मैंने फिर पूछा तो वो बोली “जो दिख रहा है जरूरी नहीं उसके पीछे की हकीकत वही है” और इतना बोलकर वो अपने काम में लग गईं।

बूढ़ी औरत की इस बात ने ज़हन में संशय की स्थिति पैदा कर दी। मैं सोचने लगा कि ये औरतें जो बालकनी से ऊपर आने का इशारा कर रही हैं, कहीं इनकी आवाज़ के पीछे कोई खामोशी तो कैद नहीं?

अब लगभग शाम बीतने को थी मगर अब तक मुझे उन सभी सवालों के जवाब हासिल नहीं हुए थे, जिनके लिए यहां आया था। मन उदास होने लगा, तभी मैंने देखा कि एक लड़की जिसकी उम्र तकरीबन 21 साल होगी वो वहीं बहुत देर से उन जलियों में से आवाज़ लगा रही थी, अब सीढ़ियों से उतर नीचे बाज़ार में आने लगी।

मुझे लगा कि ये अच्छा मौका है इससे बात करके देखता हूं। शायद जवाब दे दे । वो नीचे उतरी ही थी मैं उसका थोड़ा आगे तक पीछा किया और फिर उसे रोका। पहले उसने गंदी गाली दी और आगे बढ़ गई। मैंने फिर उसे रोका और अब वो रुक चुकी थी। मैंने उसे स्वयं से परिचित कराया। कुछ समय लगा पहले, मगर फिर वो बात करने को राजी हो गई।


उस लड़की ने मुझे बताया कि, डरती वो भी है जो जिस्म बेच रही है। और उसका डर ही उसकी जुबां पर गाली बनकर निकलता है।

वो डरती है कि कहीं आबरू बचाने के लिए आगे बढ़ी तो जान बचेगी या नहीं? वो डरती है कि कहीं यहां के बाद सर उठाकर जीने का सोचे तो समाज स्वीकार करेगा या नहीं? वो डरती है कि कहीं वो भाग गई तो उसके बदले किस मासूम को इस गौरख धंधे में डाल दिया जाएगा?

उस लड़की के जवाब सुनने के बाद में खामोश हो गया। मानो कुछ पल के लिए उस लड़की ने मुझे शब्दहीन कर दिया, जो कि बोलना बहुत कुछ चाहता है पर शायद उस पर शब्द नहीं।

फिर मैंने हिम्मत से उससे पूछा कि, क्या आप भी इस माहौल को स्वीकार चुकीं हैं?

खामोशी के साथ सिर्फ इतना ही बोली, “शाम को खाली पेट को भी जवाब देना होता है” ।
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Amir

खत्म हुआ इंतजार, इस दिन लॉन्च होगा 48MP कैमरे वाला Redmi Note 7

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Redmi Note 7 को 28 फ़रवरी को लॉन्च किया जाएगा. दरअसल, भारत में इसे 12 फरवरी को लॉन्च किया जाना था, जिसके लिए मीडिया इनवाइट भी भेजा जा चूका था, लेकिन बाद में बताया गया कि यह एक फेक मीडिया इनवाइट है. दरअसल, शाओमी इंडिया ने अपने ट्विटर हेंडल पर एक ट्वीट किया है, जिसमें कंपनी ने Redmi Note 7 को 28 फरवरी को लॉन्च करने की बात कही है. बता दें कि यह फोन चीन में पहले ही लॉन्च हो चूका है और कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक महीने भर में इस फोन का 10 लाख युनिट्स बेचा जा चूका है.

Redmi Note 7 के संभावित फीचर्स
जैसा की हमने आपको बताया है कि चीन में यह फोन पहले लॉन्च हो चूका है, जिससे इसके फोन के फीचर्स का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. इसमें 6.3 इंच की फुल एचडी एलटीपीएस डिस्प्ले है, जिसका रेसियो 19:5:9 है और इसमें 450 निट्स ब्राइटनेस, 84 परसेंट एनटीएससी कलर गेमट, कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 और 2.5डी कर्व ग्लास प्रोटेक्शन है. यह Qualcomm Snapdragon 660 octa-core SoC पर काम करेगा, इसमें 3 जीबी, 4 जीबी और 6 जीबी रैम का ऑप्शन मिला है जिसकी स्टोरेज 32 जीबी और 64 जीबी है. इसमें 48 मेगापिक्सल का डुअल कैमरा है, जिसमें सोनी IMX586 सेंसर भी है. इसमें 5 मेगापिक्सल का सेंसर भी है. ये शियोमी का पहला 48 मेगापिक्सल स्मार्टफोन होगा, जिसको लेकर मनु जैन ने पहले ट्विटर पर टीज़ भी किया है. इस फोन में फ्रंट कैमरा 13 मेगापिक्सल का है. इसके अलावा फोन में 4000 एमएएच बैटरी है और क्विक चार्ज सपोर्ट का ऑप्शन भी है. इसकी शुरुआती कीमत 9999 रुपए हो सकती है.

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Amir

20 के बाद मिलेगी ठंड से राहत पारा घटकर 12 डिग्री पर पहुंचा

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राजधानी भोपाल सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में सोमवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। वहीं, हवाएं ठंड का अहसास करा रही हैं। राज्य में हवा का रुख बदलने से मौसम में बदलाव आया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हवाएं चलने से ठंड फिर बढ़ी है। सोमवार की सुबह से धीमी गति से हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बौछारें पड़ सकती है और ठंड का जोर बढ़ सकता है।

मौसम में उतार-चढ़ाव और धूप-छांव होने की वजह से अब लोग बीमार भी पड़ने लगे हैं। लोगों को सर्दी और जुकाम ने जकड़ लिया है।

अगले एक हफ्ते ऐसा रहेगा मौसम
18-19 फरवरी- रात का तापमान 10 से 12 डिग्री तक रहने की संभावना। 20, 21 फरवरी- को रात का तापमान 12 से 15 डिग्री तक पहुंच सकता है। दिन का तापमान 30-31 डिग्री पार जा सकता है। 22-23-24 फरवरी- दिन और रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट संभव।

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Amir

पेड़-पौधे लगाने में सबसे आगे हैं भारत और चीन

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नासा के एक ताजा रिसर्च में आम अवधारणा के उलट यह पाया गया है कि भारत और चीन पेड़ लगाने
के मामले में विश्व में सबसे आगे हैं। इस अध्ययन में सोमवार को कहा गया कि दुनिया 20 वर्ष पहले
की तुलना में अधिक हरी-भरी हो गई है। नासा के उपग्रह से मिले आंकड़ों एवं विश्लेषण पर आधारित
अध्ययन में कहा गया कि भारत और चीन पेड़ लगाने के मामले में आगे हैं। नासा के अध्ययन में कहा
गया है कि चीन वनों (42 प्रतिशत) और कृषिभूमि (32 प्रतिशत) के कारण हरा भरा बना है जबकि भारत
में ऐसा मुख्यत: कृषिभूमि (82 प्रतिशत) के कारण हुआ है। इसमें वनों (4.4 प्रतिशत) का हिस्सा बहुत कम
है। चीन भूक्षरण, वायु प्रदूषणऔर जलवायु परिवर्तन को कम करने के लक्ष्य से वनों को बढ़ाने और उन्हें
संरक्षित रखने के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम चला रहा है। भारत और चीन में 2000 के बाद से खाद्य उत्पादन
में 35 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी हुई है। नासा के अमेस अनुसंधान केंद्र में एक अनुसंधान वैज्ञानिक और
अध्ययन की सह लेखक रमा नेमानी ने कहा, ‘जब पृथ्वी पर वनीकरण पहली बार देखा गया तो हमें लगा
कि ऐसा गर्म और नमी युक्त जलवायु और वायुमंडल में अतिरिक्त कार्बन डाईऑक्साइड की वजह से
उर्वरकता के कारण है

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