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…तो क्या बंद हो जाएगा फेसबुक?

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सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के लिए पिछला वर्ष काफी निराशाजनक रहा। फेसबुक का निरंतर घटता हुआ यूजर बेस भी एक वजह बना फेसबुक की मुश्किलों की। इसके पीछे कई सारे कारण रहें हैं। आइये सब से पहले आपको बताते है 3 मुख्य कारण की आखिर क्यों फसबूक पर से मुसीबतों के बादल आखिर  हट नहीं रहें।
1. लोगो का विश्वास खो दिया-
फेसबुक ने कहीं न कहीं लोगों का यकीन खो दिया है। अब चाहे वजह डेटा की लीकेज हो या फिर फेक न्यूज़ का संचालन, परिणाम उनके हित मे नहीं रहे हैं। एक शोघ में यह भी पाया गया कि लोग फेसबुक पर असहज और असुरक्षित महसूस करते हैं। इसके अलावा डेटा और फोटोज़ लीक होना भी फेसबुक के लिए आम बात रही है। 10 साल से अधिक का वक़्त बहुत होता है खुद को स्थापित करने  के लिए। लेकिन बावजूद इसके बात यह है कि अगर विश्वास गिरेगा तो यूजर बेस भी गिरेगा। फेसबुक को वापस अगर अपनी बुलंदी साबित करनी है तो सब से पहले लोगो का खोया हुआ विश्वास जीतना पड़ेगा।
2. संवादों में विवाद-
फेसबुक पर तुरंत बात का बतंगड़ बन जाता है, राई का पहाड़ बनने में यहाँ देर नहीं लगती। हर तरह के लोग फेसबुक पर मौजूद है पर कुछ लोगों को बस एक अवसर चाहिए माहौल खराब करने का। अब यह वर्ड वॉर  किसी लोकप्रिय अभिनेता के लिए हो या फिर किसी नेता के लिए, यहाँ झट से लोग दो समूहों में बट जाते है और फिर अल्फ़ाज़ों की एक ऐसी जंग छिड़ जाती है जो रोके नहीं रुकती। निजी टिप्पणियों और अभद्र संवादों का इस्तेमाल करने से भी असामाजिक पीछे नहीं हटते। ऐसे में यह बातें भी फेसबुक की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है। स्पैम मैसेज भी एक बड़ी वजह है बहुत से विवादों की।
3. घटती हुई रुचि, बढ़ता हुआ कॉम्पिटिशन-
बात ऐसी है कि पहले बस फेसबुक था, आज इंस्टाग्राम है, स्नैपचैट है, व्हाट्सएप्प है, ट्विटर है और यह सूची थमने का नाम नहीं ले रही। न सिर्फ इन सभी प्लेटफॉर्म्स के UI(यूजर इंटरफ़ेस), फसबूक से बेहतर है बल्कि इनके अप्डेट्स भी काफी तेज़ है। यह एक मुख्य वजह है कि आखिर क्यों लोगों को फेसबुक अब बोरियत का एहसास करवाता है। इस वजह से भी फेसबुक खतरे में है क्योंकि शायद वक़्त के साथ, इसमें दिलचस्प बदलाव नहीं किये गए। और अब फेसबुक की रीच भी काफी घटती हुई दिख रही है। कॉम्पेटिटिशन तो है और रहेगा, बढेगा-घटेगा मगर थमेगा कभी नहीं।
यह थे तीन अहम कारण कि आखिर क्यों फेसबुक खतरे में है। आप क्या सोचते हैं फेसबुक के बारे में, अपनी राय आप नीचे कमेंट कर सकते है।
YASH TALWAR की रिपोर्ट।

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पहली बार दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनी एमेजॉन । मार्केट कैप के मामले में एमेजॉन ने माइक्रोसॉफ्ट को भी पीछे छोड़ दिया

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पहली बार दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनी एमेजॉन । मार्केट कैप के मामले में एमेजॉन ने माइक्रोसॉफ्ट को भी पीछे छोड़ दिया क्योंकी सोमवार को इसका मार्केट कैप 56 लाख करोड़ रुपये का हो गया था। अमेरिकी शेयर बाजार बंद होने पर सोमवार को एमेजॉन का मार्केट कैप 56 लाख करोड़ रुपये (796.8 अरब डॉलर) रहा, जबकि माइक्रोसॉफ्टका वैल्यूएशन 54.81 लाख करोड़ रुपये (783.4 अरब डॉलर) रहा। पिछले साल सितंबर में एमेजॉन का मार्केट कैप 70 लाख करोड़ रुपये (1 ट्रिलियन डॉलर) पहुंचगया था, लेकिन शेयर में गिरावट की वजह से नीचे आ गया। एमेजॉन के लिए नए साल की शुरुआत काफी अच्छी रही है। सोमवार को इसका शेयर 3.4% की बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले हफ्ते इसके शेयर में 8.5 % की तेजी आई थी। एमेजॉन के शेयर में सोमवार को 3.4% की तेजी आई। जसकी वजह से इसका मार्केट कैप माइक्रोसॉफ्ट से ज्यादा हुआ। माइक्रोसॉफ्ट का वैल्यूएशन 55 लाख करोड़ रुपये है। इसने पिछले महीने एपल को भी पीछे छोड़ा था।

आइए जानते है एमेजॉन कंपनी के मालिक के बारे में जिन्होने इतनी बड़ी कंपनी शुरू की आखिर क्यों उन्होने क्यों ऑनलाईन काम करने का सोचा

अमेज़न आज दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक ई-कॉमर्स कंपनी बन चुकी है | आज यह कंपनी लोगो को कई अल-अलग तरह की सुविधा दे रही है जैसे: आप घर बैठे ऑनलाइन शोपिंग कर सकते हैं, आप अपने प्रोडक्ट को अमेज़न वेबसाइट के माध्यम से आसानी से बेच सकते हैं, आप क्लाउड सर्वीस का उपयोग कर सकते हैं इत्यादि | आज यह कंपनी पूरी दुनियाभर में नंबर एक ब्रांड के नाम से जाना जाता है | अमेज़न ने लोगो के लिए कई अमेजिंग और लाभदायक डिवाइस और प्रोडक्ट में बनायें हैं जैसे: अमेज़न कीडल इत्यादि |

अमेज़न कई लोगों के लिए पैसे कमाने का भी अच्छा ज़रिया है अगर आप अमेज़न का कोई प्रोडक्टक किसी दुसरे के ज़रिए बेचते हैं तो आपको उस प्रोडक्ट की कमाई का कुछ परसेंट आपको कमीशन के तौर मिल जाता हैं | आज ऑनलाइन शोपिंग के नाम में अमेज़न सबसे ऊपर है | पहले लोग ऑनलाइन प्रोडक्ट खरिदने यानि ऑनलाइन शोपिंग में इतना विश्वास नही करते थे लेकिन आज लोग अपने समय को बचाने और प्रोडक्ट जल्दी खरीदने के लिए ज्यादातर ऑनलाइन शोपिंग ही करते हैं |

शुरू में उन्होंने बुक्स बेचने का काम किया | बाद में लोगो के जरूरतों के अनुसार उन्होंने कई अलग-अलग प्रोडक्ट बेचना भी शुरू कर लदिया | शुरू में वेबसाइट में कमियों के कारण कई समस्या भी हुई कभी-कभी लोग वेबसाइट पर कोई भी प्रोडक्ट खरीदने जाते तो पेमेंट करने से पहले ही पेमेंट दिखा देता था, और उसके बाद जेफ़ बेज़ोस को वह प्रोडक्ट का पैसे लिए बिना प्रोडक्ट कस्टमर को भेजना पड़ता था तो इस तरह जेफ़ बेज़ोस को काफी नुकसान भी हुए

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ईशा अंबानी का लहंगा था इतना GRAND, सोने की कढ़ाई के साथ जड़े थे कीमती हीरे

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Isha Ambani: ऐसा पहली बार हुआ जब मेज़ौ वैलेंसिनो (Maison Valentino) ने कोई इंडियन आउटफिट बनाया, और वो भी लहंगा. ये लहंगा गोल्डन रंग में था. जिस पर फ्लोरल डिज़ाइन को बेहद ही बारिकी से गोल्ड धागों से बनाया गया था.

नई दिल्ली: Isha Ambani Reception: खाना से कलेकर मेहमानों, डेकॉर और वेन्यू तक, ईशा अंबानी (Isha Ambani) और आनंद पीरामल (Anand Piramal) की शादी में हर चीज़ रॉयल रही. इसी वजह से साल 2018 की सबसे लैविश वेडिंग भी रही. इस शादी में जब हर चीज़ शानदार रही तो ईशा अंबानी (Isha Ambani) के आउटफिट्स कैसे पीछे रह सकते थे. जी हां, ईशा अंबानी ने डिज़ाइन सब्यासाची मुखर्जी (Sabyasachi Mukherjee) और अबू जानी-संदीप खोसला (Aabu Jani Sandeep Khosla) जैसे बड़े इंडियन डिज़ाइनर्स ही नहीं बल्कि इटैलियन डिज़ाइनर मेज़ौ वैलेंसिनो (Maison Valentino) का कस्टम मेड लहंगा पहना.


ऐसा पहली बार हुआ जब मेज़ौ वैलेंसिनो (Maison Valentino) ने कोई इंडियन आउटफिट बनाया, और वो भी लहंगा. ये लहंगा गोल्डन रंग में था. जिस पर फ्लोरल डिज़ाइन को बेहद ही बारिकी से गोल्ड धागों से बनाया गया था. सिर्फ लहंगा ही नहीं इसके साथ पहने जाने वाला ब्लाउज़ पर भी कीमती स्टोन्स की हैवी एम्ब्रॉयडरी थी. साथ में था ज़री से बनाया दुपट्टा.

अभी तक मेज़ौ वैलेंसिनो ने सिर्फ सेलेब्रिटिज़ के लिए रेड कार्पेट गाउन्स ही बनाए थे. वहीं, ईशा ने इस कस्टमाइज़ लहंगे को डायमंड जूलरी के साथ पहना.

ईशा अंबानी का लहंगा था इतना GRAND, सोने की कढ़ाई के साथ जड़े थे कीमती नग
ईशा अंबानी के रिसेप्शन का लहंगा, इस विदेशी डिज़ाइनर ने किया डिज़ाइननई दिल्ली: Isha Ambani Reception: खाना से कलेकर मेहमानों, डेकॉर और वेन्यू तक, ईशा अंबानी (Isha Ambani) और आनंद पीरामल (Anand Piramal) की शादी में हर चीज़ रॉयल रही. इसी वजह से साल 2018 की सबसे लैविश वेडिंग भी रही. इस शादी में जब हर चीज़ शानदार रही तो ईशा अंबानी (Isha Ambani) के आउटफिट्स कैसे पीछे रह सकते थे. जी हां, ईशा अंबानी ने डिज़ाइन सब्यासाची मुखर्जी (Sabyasachi Mukherjee) और अबू जानी-संदीप खोसला (Aabu Jani Sandeep Khosla) जैसे बड़े इंडियन डिज़ाइनर्स ही नहीं बल्कि इटैलियन डिज़ाइनर मेज़ौ वैलेंसिनो (Maison Valentino) का कस्टम मेड लहंगा पहना.
बारात से लेकर सात फेरों तक, देखें ईशा अंबानी-आनंद पीरामल का पूरा Wedding Album


ऐसा पहली बार हुआ जब मेज़ौ वैलेंसिनो (Maison Valentino) ने कोई इंडियन आउटफिट बनाया, और वो भी लहंगा. ये लहंगा गोल्डन रंग में था. जिस पर फ्लोरल

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अमेरिका में भी केन्द्रीय बैंक का चीफ डोनाल्ड ट्रंप की नहीं सुनता!

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अमेरिकी केन्द्रीय बैंक ने इस साल चौथी बार ब्याज दरों में इजाफे का ऐलान किया है. इस चौथे इजाफे से अमेरिका में ब्याज दर 2.25 फीसदी से बढ़ाकर 2.50 फीसदी कर दिया गया है. जिरोम पॉवल ने इजाफे के साथ कहा है कि वह प्रति माह 50 बिलियन डॉलर की कटौती अपनी बैलेंसशीट में करेंगे.

किसी देश की सरकार और उसके केन्द्रीय बैंक के बीच खींचतान सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आम बात है. बीते दिनों भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और केन्द्र सरकार के बीच खींचतान के चलते गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्तीफा दे दिया. ऐसी ही खींचतान दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में भी जारी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सलाह को न मानते हुए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने एक बार फिर ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है. फेडरल रिजर्व के प्रमुख जिरोम पॉवेल ने ट्रंप के दबाव को नजरअंदाज करते हुए एक साल में चौथी बार इजाफा कर दिया है.

अमेरिका में ब्याज दरों में हुए इजाफे से अमेरिकी शेयर बाजार और सरकार के बॉन्ड में गिरावट दर्ज हुई. इसके साथ ही इस फैसले के असर से दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट आई और डॉलर के मुकाबले वैश्विक मुद्राओं में गिरावट दर्ज हुई. अमेरिकी सरकार और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए ब्याज दरों में हुई इस बढ़ोत्तरी के अलावा फेडरल रिजर्व का दावा कि वह आगे भी ब्याज दरों में और कटौती का ऐलान कर सकता है. अमेरिका में एक निवेश संस्था ने रॉयटर को बताया कि फेडरल रिजर्व ने मौद्रिक नीति निर्धारण में गलती की है क्योंकि अमेरिका में पहले ही ब्याज दर में बड़ा इजाफा किया जा चुका है.

गौरतलब है कि अमेरिकी केन्द्रीय बैंक ने इस साल चौथी बार ब्याज दरों में इजाफे का ऐलान किया है. इस चौथे इजाफे से अमेरिका में ब्याज दर 2.25 फीसदी से बढ़ाकर 2.50 फीसदी कर दिया गया है. जिरोम पॉवल ने इजाफे के साथ कहा है कि वह प्रति माह 50 बिलियन डॉलर की कटौती अपनी बैलेंसशीट में करेंगे. पॉवल के मुताबिक अमेरिकी अर्थव्यवस्था मौजूदा समय में अच्छे आर्थिक आंकड़ों के साथ मजबूत हो रही है और इसलिए वह उस हद तक ब्याज दरों में इजाफा कर सकते जहां तक विकास दर को नुकसान न पहुंचे.

गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूती के संकेत दे रहा है वहीं बीते एक साल के दौरान अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में सुधार दर्ज हो रहा है. इस स्थिति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि ब्याज दरों में इजाफे से अमेरिका में विकास दर पर नकारात्मक असर पड़ने का खतरा लिहाजा केन्द्रीय बैंक को ब्याज में और इजाफा नहीं करना चाहिए.

अपने ने अपनी दलील में कहा है कि फेडरल रिजर्व को देखने के जरूरत है कि अमेरिका ने चीन के खिलाफ ट्रेड वॉर छेड़ रखा है और अमेरिका इस वॉर में जीतने की कगार पर है. वहीं वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ट्रंप ने कहा कि फ्रांस मं् स्थिति चिंताजनक है और अमेरिका के अलावा अहम अर्थव्यवस्थाएं परेशान हैं और इसके विपरीत अमेरिकी डॉलर वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रहा है और महंगाई लगभग न के बराबर है. ऐसी स्थिति में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में इजाफा अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है.

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